पीएम मोदी का जापान दौरा
PM Modi Japan Visit: एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर 50% का एकतरफा टैरिफ लगाकर व्यापारिक युद्ध छेड़ने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार भारत को विस्तार दे रहे हैं. भारत पर डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लागू होने के बीच पीएम मोदी जापान और चाइना के दौरे पर हैं. शुरुआत उन्होंने जापान के दौरे से की है. जापान के साथ 21 ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर करके दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया है. ये समझौते सिर्फ आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये रक्षा, अंतरिक्ष और वैश्विक शांति जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैले हुए हैं.
ट्रंप का मानना है कि अमेरिका ही एकमात्र ताकत है, वहीं भारत ने जापान जैसे बड़े लोकतंत्र के साथ मिलकर यह साबित किया है कि दुनिया अब सिर्फ एक धुरी पर नहीं चलती. यह डील (PM Modi Japan Visit MoU) दिखाती है कि भारत किसी के दबाव में आने वाला नहीं है, बल्कि वह अपनी शर्तों पर दुनिया के साथ आगे बढ़ने को तैयार है.
ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप को ‘डेड इकॉनमी’ ने दिखाया आइना! भारत की ग्रोथ ने तोड़े रिकॉर्ड, ‘धुंआ-धुंआ’ होगा अमेरिका
भारत-जापान के अहम समझौते (India Japan MoU List)
- अगले दशक की संयुक्त दृष्टि: दोनों देशों ने अगले दस सालों के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार की है.
- सुरक्षा और रक्षा पर बड़ा कदम: भारत और जापान ने सुरक्षा सहयोग पर एक संयुक्त घोषणा की है.
- मानव संसाधन का आदान-प्रदान: दोनों देशों ने अगले पांच साल में करीब 5 लाख लोगों के आपसी आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा है.
- कार्बन उत्सर्जन और निवेश: कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए दोनों देश मिलकर नई तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देंगे.
- डिजिटल साझेदारी 2.0: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल टैलेंट और AI, IoT और सेमीकंडक्टर्स जैसे हाई-टेक सेक्टर में दोनों देश मिलकर काम करेंगे.
- खनिज संसाधनों पर सहयोग: महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रोसेसिंग के लिए भारत और जापान ने साझेदारी की है.
- चंद्रयान-5 मिशन में साथ: भारत की इसरो और जापान की JAXA मिलकर चंद्रयान-5 मिशन पर काम करेंगे.
- स्वच्छ हाइड्रोजन और अमोनिया: दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा पर भी जोर दिया है.
- कला और संस्कृति का आदान-प्रदान: भारत और जापान कला, संग्रहालय और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में भी साझेदारी करेंगे.
- वेस्ट वाटर मैनेजमेंट: शहरों में वेस्ट वाटर मैनेजमेंट और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी समझौते हुए हैं.
- राजनयिक प्रशिक्षण और विज्ञान सहयोग: भारत का सुशमा स्वराज इंस्टीट्यूट और जापान का विदेश मंत्रालय आपसी प्रशिक्षण में साथ देंगे.
- जापानी निवेश: जापान अगले दस साल में भारत में 10 ट्रिलियन येन का निजी निवेश करेगा.
- आर्थिक सुरक्षा पहल: आर्थिक सुरक्षा पहल की शुरुआत हुई है.
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर साझेदारी: AI पर एक नई पहल शुरू होगी.
- रेलवे, एविएशन और पोर्ट में पार्टनरशिप: रेलवे, एविएशन, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स में दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप बढ़ेगी.
- छोटे और मझोले उद्योगों के बीच सहयोग: छोटे और मझोले उद्योगों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा.
- बायोगैस और बायोफ्यूल पर रिसर्च: बायोगैस और बायोफ्यूल जैसे टिकाऊ ईंधन पर भी रिसर्च और साझेदारी होगी.
- भारत के अलग-अलग राज्यों और जापान के प्रांतों के बीच डेलीगेशन विज़िट: भारत के अलग-अलग राज्यों और जापान के प्रांतों के बीच डेलीगेशन विज़िट बढ़ाई जाएंगी.
- जापान के कंसाई और क्यूशू क्षेत्रों में नए व्यापार मंच: जापान के कंसाई और क्यूशू क्षेत्रों में नए व्यापार मंच बनाए जाएंगे.
- व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहल: दोनों देश व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहल करेंगे.
- पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर सहयोग: दोनों देश पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर मिलकर काम करेंगे.
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी के दौरे के बीच ट्रंप को झटका! चावल के दाने ने रोकी US-जापान के बीच 48 लाख करोड़ की डील
भारत वैश्विक शक्ति
पीएम मोदी का जापान दौरा (PM Modi Japan Visit News) ट्रंप की व्यापार नीतियों का सबसे शानदार जवाब है. ट्रंप ने भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, वहीं भारत ने जापान के साथ मिलकर एक ऐसी साझेदारी बनाई है जो न केवल दोनों देशों को, बल्कि पूरी दुनिया को स्थिरता और शांति की दिशा में ले जाएगी. 10 ट्रिलियन येन के जापानी निवेश का लक्ष्य, चंद्रयान-5 में सहयोग और रक्षा साझेदारी जैसे कदम यह साबित करते हैं कि भारत अब सिर्फ एक उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि एक वैश्विक शक्ति है जो अपने हितों को सर्वोपरि रखकर दुनिया के साथ आगे बढ़ रही है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


