बिहार के विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आज का दिन किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है! अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने राज्य के ग्रामीण इलाकों के लिए तिजोरी खोल दी है और स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बिहार की ‘बल्ले-बल्ले’ कर दी है. ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र को चरितार्थ करते हुए, गौतम अडानी ने रविवार को मस्तीचक में 150 करोड़ रुपये की विशाल नेत्र स्वास्थ्य सेवा परियोजना की नींव रखी.
यह कोई साधारण अस्पताल नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्क की शुरुआत है. इसके अलावा, अडानी ने देशभर के वंचितों के लिए 500 करोड़ रुपये के महा-संकल्प की भी घोषणा की है.
क्या-क्या मिलेगा बिहार को?
इस ऐतिहासिक साझेदारी के तहत अडानी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल मिलकर गांवों में स्वास्थ्य की नई इबारत लिखेंगे. इस परियोजना के शुरू होने से हर हर साल 3.3 लाख सर्जरी से लाखों लोगों को आंखों की रोशनी वापस मिलेगी. मस्तीचक में यह अत्याधुनिक अस्पताल (अडानी सेंटर फॉर आई) बनेगा, जहां ग्रामीण इलाकों के लोगों को सस्ती और बेहतरीन आई-केयर सुविधा मिलेगी.
आज बिहार की पवित्र धरती मस्तीचक आकर मन गर्व, भावनाओं और आत्मीयता से भर गया।
गायत्री शक्तिपीठ पहुँचकर एक अलग ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा का अनुभव हुआ।
किसी व्यक्ति की आँखों की रोशनी लौटाना केवल इलाज नहीं होता…
यह उसके जीवन में फिर से उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का… pic.twitter.com/Jl5GzFNsAK
— Gautam Adani (@gautam_adani) May 17, 2026
‘अडानी ट्रेनिंग इन ऑप्थैल्मिक मेडिसिन’ (ATOM) के जरिए हर साल हजारों युवाओं को ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. दूर-दराज के गांवों से मरीजों को लाने-ले जाने के लिए 10 नई एंबुलेंस को भी हरी झंडी दिखाई गई है.
सेवा ही साधना है – गौतम अडानी
भूमि पूजन कार्यक्रम में गायत्री शक्तिपीठ के आध्यात्मिक माहौल के बीच गौतम अडानी ने कहा कि आज बिहार की पवित्र धरती मस्तीचक आकर मन गर्व और आत्मीयता से भर गया. किसी व्यक्ति की आँखों की रोशनी लौटाना केवल इलाज नहीं, यह उसके जीवन में फिर से उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का पुण्य काम है. हमारे लिए ‘सेवा ही साधना है’ कोई नारा नहीं, बल्कि करुणा को कर्म में बदलने की प्रेरणा है.
इस मौके पर अडानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अडानी और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सह-संस्थापक एवं सीईओ मृत्युंजय तिवारी भी मौजूद रहे. मृत्युंजय तिवारी ने इसे भारत के अंतिम व्यक्ति तक दृष्टि और सम्मान पहुंचाने का साझा संकल्प बताया.
40,000 करोड़ का निवेश
अडानी ग्रुप सिर्फ मस्तीचक तक नहीं रुकने वाला है. फाउंडेशन ने भागलपुर के पीरपैंती में भी 200 बिस्तरों वाला अस्पताल स्थापित करने का ऐलान किया है. बिहार के भविष्य को लेकर अडानी ग्रुप बेहद आक्रामक और सकारात्मक मोड में है. राज्य में ग्रुप की निवेश प्रतिबद्धता करीब 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है.
पीरपैंती में पावर प्लांट में 27,000 करोड़ की लागत से 2,400 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट बन रहा है (बिहार में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश). उत्तरी बिहार में 30 लाख स्मार्ट मीटर और गया-नालंदा में सिटी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा. नवादा और मुजफ्फरपुर में 3,000 करोड़ रुपये के निवेश से सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयां.
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बिहार के ग्रामीण इलाकों से शुरू हुआ अडानी ग्रुप और अखंड ज्योति का यह गठबंधन अब पूरे देश के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बनने जा रहा है. 700 करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश से चलने वाला यह ‘विज़न केयर प्रोग्राम’ साबित करता है कि जब कॉरपोरेट की ताकत और सेवा का भाव मिलते हैं, तो आम आदमी की सच में ‘बल्ले-बल्ले’ हो जाती है!
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