नेटफ्लिक्स पर आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. अब इस मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) की भी एंट्री हो गई है. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने फिल्म के निर्देशक, स्क्रिप्ट राइटर और सेंसर बोर्ड से अपील करते हुए कहा है कि फिल्मों में जातिगत टिप्पणियों से बचा जाना चाहिए और समाज को एकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
देश को कमजोर कर रहा जातिवाद- धीरेंद्र शास्त्री
बागेश्वर धाम के मठाधीश बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जातिवाद देश को कमजोर कर रहा है. उन्होंने अनुरोध करते हुए कहा कि सेंसर बोर्ड, स्क्रिप्ट राइटर और फिल्म से जुड़े सभी लोग जातिगत टिप्पणियों से बचें और जात-पात से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता दें.
फिल्म पर FIR भी दर्ज है
लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के निर्देशक और उनकी टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. शिकायत में टाइटल और संभावित कंटेंट से धार्मिक व जातिगत भावनाएं आहत होने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका जताई गई है. ब्राह्मण समुदाय और कुछ संगठनों में नाराजगी है.
निर्देशक ने प्रचार पर लगाई रोक
फिल्म को लेकर उठे विवाद के बाद निर्देशक नीरज पांडे ने माफी मांगते हुए सभी प्रचार सामग्री हटा दी है. उन्होंने कहा कि यह फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है, जिसमें ‘पंडत’ शब्द केवल एक काल्पनिक किरदार का उपनाम है और इसका किसी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है. फिल्म में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं. निर्देशक ने कहा कि यदि टाइटल से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं.
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कोर्ट में याचिका दाखिल
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट में भी फिल्म की रिलीज और स्ट्रीमिंग पर रोक की मांग को लेकर याचिका दाखिल हुई है. याचिकाकर्ता का दावा है कि टाइटल और कंटेंट मानहानिकारक और आपत्तिजनक हैं. याचिका में कहा गया है कि पंडत शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़ना ब्राह्मण समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है. मामला फिलहाल कानूनी प्रक्रिया में है.
-भारत एक्सप्रेस
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