ग्रेटर नोएडा के जेवर में एक चौंकाने वाली साजिश का खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने एक सुनियोजित किडनैपिंग प्लान को नाकाम करते हुए एयर इंडिया के एक पायलट समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. यह पूरा मामला जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पुनर्वास और मुआवज़े से जुड़ा है.
ग्रेटर नोएडा के DCP सआद मियां खान ने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण के पहले चरण में छह गांवों को खाली कराकर RR कॉलोनी में पुनर्वासित किया गया था. लेकिन हंसराज नामक एक व्यक्ति अब भी एयरपोर्ट की सीमा में रह रहा था, जिसे नोटिस के बाद वहां से हटा दिया गया. 29 मई से 4 जून तक वह अस्पताल में भर्ती रहा. इसी दौरान, 2 जून को उसके बेटे ने हैबियस कॉर्पस याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की, जिसमें स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठाए गए. कोर्ट ने हंसराज और उनके परिवार को 7 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया.
हाईकोर्ट में दाखिल हुई थी हैबियस कॉर्पस याचिका
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने सात टीमों का गठन कर दो हफ्तों तक लगातार जांच की. जांच के बाद हंसराज और उनके परिवार को पवन नामक व्यक्ति के घर से सकुशल बरामद कर लिया गया. इस मामले की साजिश का मास्टरमाइंड कैप्टन पुत्तन निकला, जो एयर इंडिया में पायलट है और वर्तमान में दयानंदपुर में अपने ससुराल में रह रहा था. उसे उसकी पत्नी और सास के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके अलावा, किसान नेता प्रमोद को भी गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने विकास, पुनर्वास और मुआवज़े से जुड़े सरकारी निर्णयों को प्रभावित करने के लिए एक षड्यंत्र रचा. अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और बाकी आरोपियों की तलाश कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा के आधार पर की जा रही है.
ग्रेटर नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई ने एक गंभीर साजिश को समय रहते रोक दिया, जिससे क्षेत्र में विकास परियोजनाओं से जुड़े मामलों की संवेदनशीलता और पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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