Dahod Firing Incident: दाहोद/अरविंद शर्मा: गुजरात के दाहोद जिले से मंगलवार को एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी. राज्य का मोस्ट वांटेड बूटलेगर अशोक बिश्नोई (Ashok Bishnoi), जिसे कड़ी सुरक्षा में ले जाया जा रहा था, उसने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की. हालात इतने बिगड़ गए कि आखिरकार पुलिस को उसे काबू में करने के लिए गोली चलानी पड़ी. इस कार्रवाई में अशोक बिश्नोई के पैर में गोली लगी है और फिलहाल उसका इलाज अस्पताल में जारी है.
असम से गुजरात लाया जा रहा था आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अशोक बिश्नोई शराबबंदी कानून और गुजसी टॉक से जुड़े कई मामलों में लंबे समय से वांटेड था. उसे हाल ही में असम से गिरफ्तार किया गया था और वहां से गांधीनगर होते हुए दाहोद स्थित स्टेट मॉनिटरिंग सेल के हेडक्वार्टर लाया जा रहा था. रास्ते में पुलिस की एक टीम उसे कार से लेकर जा रही थी, जिसमें वह पीछे की सीट पर बैठा हुआ था.
चलती गाड़ी में अचानक हमला
जब पुलिस की गाड़ी दाहोद जिले में लिमडी और लिमखेड़ा के बीच पहुंची और लगभग पांच किलोमीटर का रास्ता तय कर चुकी थी, तभी अचानक अशोक बिश्नोई ने खतरनाक हरकत कर दी. उसने कार चला रहे पीएसआई के.डी. रविया की सीट बेल्ट को खींचकर उनके गले में कस दिया और जान से मारने की कोशिश करने लगा. यह सब इतनी तेजी से हुआ कि कुछ पल के लिए पुलिसकर्मी भी चौंक गए.
पुलिस ने दिखाई सूझबूझ
गाड़ी में मौजूद पीआई आर.जी. खांट, पीएसआई वी.एन. जडेजा और हेड कांस्टेबल जयविजय सिंह ने तुरंत हालात को संभालने की कोशिश की और रविया को छुड़ाने में जुट गए. लेकिन अशोक बिश्नोई बेल्ट और कसता चला गया, जिससे ड्राइवर की जान को सीधा खतरा पैदा हो गया. हालात बिगड़ते देख पीआई आर.जी. खांट ने आत्मरक्षा और साथी पुलिसकर्मी की जान बचाने के लिए अपनी सर्विस रिवॉल्वर से फायर किया.
पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
गोली सीधे अशोक बिश्नोई के दाहिने पैर में लगी. गोली लगते ही उसने ड्राइवर की गर्दन से सीट बेल्ट छोड़ दी और पुलिस ने उसे काबू में कर लिया. इसके बाद घायल हालत में उसे तुरंत दाहोद के जाइडस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
जांच जारी, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद, पुलिस महकमे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने समय रहते सही फैसला लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. अब इस मामले की आंतरिक जांच भी की जा रही है कि आरोपी को ले जाते वक्त और किन-किन बातों में सतर्कता बढ़ाई जा सकती थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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