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‘भाषाएं बदलती हैं पर भारत की मूल संस्कृति एक’: बदरिया 2026 में बोले हर्ष मल्होत्रा; CMD उपेंद्र राय की पहल को सराहा

Harsh Malhotra Badariya 2026: बदरिया 2026 के मंच से हर्ष मल्होत्रा ने भारतीय संस्कृति, परोपकार और स्वावलंबन पर विचार रखे. CMD उपेंद्र राय के संरक्षण में तालकटोरा स्टेडियम में संपन्न हुए भव्य लोक उत्सव की उन्होने जमकर सराहना की है.

Harsh Malhotra Badariya 2026

Harsh Malhotra Badariya 2026: राजधानी दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में ‘माता चकेरी देवी फाउंडेशन’ और दिल्ली सरकार की मैथिली-भोजपुरी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘बदरिया: एक मानसून विदाई महोत्सव 2026’ में सुरों और भारतीय लोक संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला. कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथियों में शामिल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता हर्ष मल्होत्रा ने अपने संबोधन में भारत की समृद्ध विविधता, सांस्कृतिक बंधुत्व और सामाजिक सेवा के संकल्प पर खुलकर बात रखी.

इस दौरान उन्होंने इस आयोजन के मुख्य संरक्षक व ‘भारत एक्सप्रेस’ के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय, फाउंडेशन की अध्यक्षा योगिता सिंह और पूरी आयोजन समिति को देश की राजधानी में लोक परंपराओं को जीवंत रखने के लिए विशेष साधुवाद दिया.

बदलती है भाषा पर आत्मा एक- हर्ष मल्होत्रा

अपने संबोधन की शुरुआत ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से करते हुए हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि भारत की संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृति है, जहाँ प्रतिदिन कोई न कोई उत्सव और उमंग का पर्व मनाया जाता है. उन्होंने कहा

“हमारे देश में हर 50-60 किलोमीटर पर भाषा और बोली का स्वरूप बदल जाता है, लेकिन हमारी मूल संस्कृति एक ही है. यह बंधुत्व, आत्मीयता और परोपकार की संस्कृति है. यह अपने अलावा समाज के बाकी सभी लोगों के लिए कुछ न कुछ बेहतर करने की संस्कृति है. आज ‘बदरिया’ के माध्यम से भारतीय लोक संस्कृति का यही अखंड और आत्मीय स्वरूप इस मंच पर जीवंत नजर आ रहा है.”

Harsh Malhotra Badariya 2026

पीएम मोदी के विजन को धरातल पर उतारता फाउंडेशन

हर्ष मल्होत्रा ने रेखांकित किया कि ‘माता चकेरी देवी फाउंडेशन’ केवल सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के वंचित और शोषित तबकों को मुख्यधारा से जोड़ने का जमीनी कार्य भी कर रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकल्याणकारी विजन का उल्लेख करते हुए कहा

समाज के कमजोर वर्ग के बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त करें और माताएं-बहनें आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनें, यही सच्चा राष्ट्र निर्माण है. केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्षों में शुरू की गई 200 से अधिक जनकल्याणकारी योजनाएं 140 करोड़ देशवासियों के जीवन को छू रही हैं. उसी सेवा-भाव के एक लघु स्वरूप के रूप में माता चकेरी देवी फाउंडेशन समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सेवा करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है.

विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी

इस भव्य आयोजन के संरक्षक और ‘माता चकेरी देवी फाउंडेशन’ के ट्रस्टी ‘भारत एक्सप्रेस’ के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय की अगुवाई में इस मंच ने दिल्ली के दिल में पूर्वांचल और भारतीय लोक संस्कृति को स्थापित किया. भारत एक्सप्रेस इस महोत्सव का मुख्य मीडिया पार्टनर रहा.

Harsh Malhotra Badariya 2026

समारोह में उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली के पूर्व मेयर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, स्टैंडिंग कमेटी चेयरपर्सन सत्या शर्मा, विधायकगण, फाउंडेशन के संस्थापक बृजेश राय, ट्रस्टी संतोष ओझा, राजीव पाठक, अपूर्वा सिंह, राधेश्याम यादव, कृष्णदेव सिंह और प्रमोद कुमार सहित भारी संख्या में सामाजिक व राजनीतिक हस्तियां उपस्थित रहीं.

2025 की ऐतिहासिक शुरुआत

दिल्ली में ‘बदरिया महोत्सव‘ का यह लगातार दूसरा साल है. इसकी शुरुआत 1 सितंबर 2025 को कनॉट प्लेस (CP) के सेंट्रल पार्क से हुई थी, जहाँ हर्ष मल्होत्रा खुद साक्षी बने थे. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांस्कृतिक मंत्री कपिल मिश्रा और सीएमडी उपेंद्र राय की गरिमामयी मौजूदगी में पहले संस्करण ने भारी सुर्खियां बटोरी थीं. 2026 में तालकटोरा स्टेडियम में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में सामने आया, जहां पद्मश्री मालिनी अवस्थी, प्रिया मल्लिक, चंदन तिवारी, ऋषि सिंह, समृद्ध पाठक और सात्विक पाठक जैसे 20 से अधिक दिग्गज कलाकारों ने कजरी, ठुमरी और सावन-भादो के पारंपरिक गीतों से समां बांधा.



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