कभी BJP के थे हुमायूं
Masjid In Murshidabad West Bengal: देश की सियासी चर्चा के केंद्र में इन दिनों पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) हैं. उन्होंने ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखी है. यह कार्यक्रम 6 दिसंबर को आयोजित किया गया था, जो अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने की तारीख है. हालांकि, क्या आपको बता हैं इससे पहले उनका नाता कांग्रेस और बीजेपी के साथ भी बड़ा गहरा रहा है.
‘बाबरी मस्जिद’ की नींव को लेकर कबीर ने कहा कि यह मस्जिद 300 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी और इसमें एक हेलिपैड, एक विश्वविद्यालय और एक अस्पताल भी होगा. आइये जानें उनका नया ऐलान और भाजपा के साथ उनके क्या संबंध थे?
Humayun Kabir की नई पार्टी और ओवैसी से गठबंधन
हुमायूं कबीर ने घोषणा की है कि वह 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी बनाएंगे और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करेंगे. कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी बंगाल विधानसभा चुनाव में 135 उम्मीदवार उतारेगी और वह खुद को चुनाव का बड़ा गेमचेंजर मानते हैं.
टीएमसी से निलंबन और भाजपा से जुड़ाव
हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) को टीएमसी ने बाबरी मस्जिद की नींव रखने के लिए निलंबित कर दिया था. कबीर ने पहले कांग्रेस और टीएमसी में काम किया था. सबसे बड़ी और खास बात की वह साल 2019 में भाजपा की टिकट से लोकसभा चुनाव भी लड़े थे. अब वह भाजपा के सियासत के सबसे बड़े दुश्मन बन गए हैं.
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Humayun Kabir का राजनीतिक करियर
हुमायूं कबीर का राजनीतिक करियर 1993 में कांग्रेस से शुरू हुआ था. उन्होंने 2011 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था और बाद में टीएमसी में शामिल हो गए थे. अब उन्होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. कबीर पर 13 पुलिस मामले दर्ज हैं, जिनमें से कुछ में उन्हें आरोपित किया गया है. ऐसे में अब देखना होगा कि उनका सियासी ग्राफ किस ओर जाता है.
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