I-PAC ED Raids: पॉलिटिकल कंसल्टेंली फर्म I-PAC ने अपने ठिकीनों पर हुई छापेमारी को चिंताजनक ट्रेंड बताया है. यह फर्म का इस पूरे घटनाक्रम पर पहला आधिकारिक बयान है जिसने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है. खासकर इसलिए क्योंकि कुछ ही महीनों में राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.
I-PAC का क्या कहना है?
I-PAC ने साफ किया कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करती रहेगी और अपना काम जारी रखेगी. फर्म न यह भी स्पष्ट किया कि उसका काम चुनाव लड़ना नहीं है ब्लकि अलग-अलग राजनीतिक दलों को पेशेवर सलाह देना है.
I-PAC क्या करता है?
I-PAC ने बताया कि उसने बीते सालों में विभिन्न विचारधाराओं और राज्यों में कई दलों के साथ पेशेवर सलाहकार के तौर पर काम किया है. इनमें बीजेपी, कांग्रेस, AAP, TMC, JDU और शिवसेना जैसे बड़े दल शामिल हैं. फर्म ने दोहराया कि उसका मकसद सिर्फ पारदर्शी और पेशेवर राजनीतिक सलाह देना है न कि किसी राजनीतिक पद पर रहना है.
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ममता बनर्जी का आरोप
गुरुवार को ED की छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक I-PAC निदेशक प्रतीक जैन के मध्य कोलकाता स्थित घर और बाद में साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यलय पहुंच गई. वहां उन्होंने आरोप लगाया कि ED विधानसभा चुनाव से जुड़े TMC के संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश कर रही है.
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हाल ही में हुए पूरे घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति को और गरमा दिया है. वहां जो अभी माहौल चल रहा है उससे एक बात तो साफ है कि आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल और भी तनावपूर्ण हो सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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