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कौन हैं दिल्ली के नए मुख्य सचिव राजीव वर्मा? पहले सस्पेंशन अब राजधानी की कमान

IAS Rajiv Verma Next Delhi CS: दिल्ली में बड़े पद पर हुआ बड़ा बदलाव हुआ है. IAS राजीव वर्मा को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. आइये जानें उनका पूरा प्रशासनिक ट्रैक रिकॉर्ड क्या है?

IAS Rajiv Verma Next Delhi CS

IAS राजीव वर्मा

IAS Rajiv Verma Next Delhi CS: दिल्ली को आखिरकार नया प्रशासनिक प्रमुख मिल गया है. केंद्र सरकार ने 1992 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव वर्मा को दिल्ली का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. वर्मा, जो वर्तमान में चंडीगढ़ के मुख्य सचिव के पद पर तैनात थे, 1 अक्टूबर 2025 से कार्यभार संभालेंगे. वह मौजूदा मुख्य सचिव धर्मेंद्र का स्थान लेंगे जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. राजीव वर्मा का दिल्ली से पुराना नाता रहा है, जहां वह पहले भी परिवहन आयुक्त और मंडल आयुक्त जैसे अहम पदों पर काम कर चुके हैं.

आईआईटी से एमटेक और वास्तुकला की पृष्ठभूमि वाले वर्मा, एक बार फिर दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ काम करेंगे. चंडीगढ़ से उनका यह ट्रांसफर दिल्ली की प्रशासनिक स्थिरता और महत्वपूर्ण नीतियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा.

राजीव वर्मा की के बारे में (IAS Rajiv Verma Career)

कैडर: एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश)

शैक्षिक योग्यता: मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से वास्तुकला में डिग्री

स्नातकोत्तर: दिल्ली स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से शहरी डिजाइन में स्नातकोत्तर

पिछली भूमिकाएं (Rajiv Verma Previous roles)

  • पुडुचेरी में मुख्य सचिव
  • रक्षा मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में जिम्मेदारियां
  • दिल्ली में वित्त और राजस्व सचिव

लंबा और अनुभवी प्रशासनिक करियर

राजीव वर्मा का लंबा और अनुभवी प्रशासनिक करियर रहा है, जिसमें उन्होंने पुडुचेरी के मुख्य सचिव से लेकर केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय तक में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. दिलचस्प बात यह है कि 2020 में कोरोना महामारी के दौरान, आनंद विहार बस अड्डे पर भीड़ बढ़ने की घटना को लेकर केंद्र सरकार ने उन्हें कुछ महीनों के लिए निलंबित भी कर दिया था, हालांकि बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया था.

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क्या था विवाद? (IAS Rajiv Verma Controversy)

वर्मा का नाम 2020 में तब चर्चा में आया था जब उन्हें और अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था. आरोप था कि उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान लोगों को आनंद विहार बस अड्डे तक बस सुविधा उपलब्ध कराई थी, जिससे बस अड्डे पर भीड़ बढ़ गई थी. हालांकि, कई लोगों ने उनके इस कदम की सराहना भी की थी.



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