IIFT Campus in Dubai: भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) ने दुबई में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस खोलने की घोषणा कर दी है. यह कदम भारत की उच्च शिक्षा को वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. IIFT, जो कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की ओर अग्रसर है.
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन के अनुरूप बताया है. मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक विस्तार की दिशा में गर्व का क्षण है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आईआईएफटी को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रयास भारत की शिक्षा प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाने वाला है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि दुबई कैंपस भारत और यूएई के बीच मजबूत होते रिश्तों का भी प्रतीक है.
संस्थान के लिए एक नया अध्याय
वाणिज्य सचिव सुनील बार्थवाल ने इसे आईआईएफटी के 62 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में एक नई शुरुआत बताया. उन्होंने कहा कि यह संस्थान अब विश्वस्तरीय व्यापार शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है और इसके जरिए भारत निर्यात और व्यापार क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और भी सशक्त करेगा.
आईआईएफटी के कुलपति प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी ने इस अवसर को संस्थान की वैश्विक आकांक्षाओं को एक नई दिशा देने वाला बताया. उन्होंने दुबई परिसर को अंतरराष्ट्रीय व्यापार, प्रशिक्षण और अनुसंधान का उत्कृष्ट केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता जताई.
प्रमुख निकायों से मिली स्वीकृति
दुबई कैंपस को शिक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और यूजीसी जैसे अहम संस्थानों से मंजूरी प्राप्त हो चुकी है. इस परिसर में शैक्षणिक संचालन भारत के मौजूदा नियमों के अनुरूप ही होगा. यह पहल गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक अहम प्रयास है.
कोर्स और प्रवेश प्रक्रिया
दुबई परिसर में पढ़ाए जाने वाले कोर्स मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, अर्थशास्त्र और व्यापार नीति पर आधारित होंगे. प्रस्तावित कार्यक्रमों में इंटरनेशनल बिजनेस में एमबीए, व्यापार और वित्त विषयक एमए, कार्यरत पेशेवरों के लिए एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा, और शोध के इच्छुक छात्रों के लिए डॉक्टरेट पाठ्यक्रम शामिल होंगे. इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया भारत में अपनाई जा रही मौजूदा प्रवेश परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू के माध्यम से ही होगी.
भारत की वैश्विक शिक्षा में नई पहचान
1963 में स्थापित आईआईएफटी के दिल्ली और कोलकाता में वर्तमान में दो प्रमुख कैंपस हैं. अब पहली बार यह संस्थान देश की सीमाओं से बाहर जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है. दुबई परिसर न केवल क्षेत्रीय उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि भारत की शिक्षा को व्यापार और कूटनीति के साथ जोड़ने की रणनीति को भी साकार करेगा.
यह पहल भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद द्वारा हाल ही में दुबई में शुरू किए गए कैंपस के बाद आई है और यह संकेत देती है कि भारत की उच्च शिक्षा अब वैश्विक विस्तार की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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