IMD Weather Alert: देश भर में मानसून ने इस समय ऐसा कोहराम मचाया है कि चारों तरफ सिर्फ पानी और तबाही का खौफनाक मंजर दिखाई दे रहा है. दिल्ली-एनसीआर से लेकर मुंबई और सूरत तक की सड़कें समंदर बन चुकी हैं और नदियां-नाले पूरी तरह उफान पर हैं. लेकिन मौसम प्रेमियों और आम जनता के लिए आफत की बात यह है कि यह तबाही तो बस एक छोटा सा ट्रेलर है, असली पिक्चर (Heavy Rain Alert Monsoon 2026) तो अगले 48 घंटों में रिलीज होने वाली है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के ताजा बुलेटिन ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. बंगाल की खाड़ी से लेकर उत्तर-पश्चिम राजस्थान तक एक बहुत ही खतरनाक मानसूनी ट्रफ लाइन फैल गई है. इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक बेहद मजबूत कम दबाव का क्षेत्र यानी लो-प्रेशर सिस्टम एक्टिव हो गया है, जो देश के 18 राज्यों में भयंकर उत्पात मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट(aaj ka mausam delhi ncr)
राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर के लिए आज का दिन बेहद संवेदनशील और खतरनाक होने वाला है. मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भारी से अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आज दिल्ली में बादलों की भयंकर गरज-चमक के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे जमींदोज हो सकते हैं.
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि इस मूसलाधार बारिश के चलते दिल्ली के तमाम निचले इलाके और अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब जाएंगे, जिससे भयंकर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनेगी. लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि जब तक कोई बहुत जरूरी काम न हो, तब तक घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें और कमजोर ढांचों से दूर रहें.
यूपी-बिहार में आसमान से बरसेगी मौत(IMD Weather Alert)
उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून इस समय अपने सबसे क्रूर रूप में आ चुका है. यूपी के मेरठ, आगरा, मुजफ्फरनगर, कानपुर, लखनऊ, बिजनौर और आजमगढ़ समेत दर्जनों जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी अंधड़ चलने और ओले गिरने की आशंका जताई गई है. लगातार हो रही इस बारिश से ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है.
वहीं दूसरी तरफ, बिहार के गया, पटना, चंपारण, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में मौसम विभाग ने सबसे बड़ा अलर्ट वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने को लेकर जारी किया है. गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है और प्रशासन को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में लो-प्रेशर का डबल अटैक
मध्य प्रदेश और राजस्थान में बना मजबूत वेदर सिस्टम इन दोनों राज्यों में अगले दो दिनों तक भारी तबाही (Heavy Rain Alert Monsoon 2026) मचा सकता है. मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर और उज्जैन में भारी बारिश के कारण कई बांधों के गेट खोलने की नौबत आ गई है. किसानों को खेतों से जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी गई है.
वहीं राजस्थान के जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और कोटा में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है, जिससे कच्चे मकानों को भारी नुकसान हो सकता है. इसके विपरीत, लंबे समय से भीषण उमस और गर्मी से तड़प रहे पंजाब और हरियाणा के जालंधर, अमृतसर, पटियाला और अंबाला में आज तूफानी हवाओं के साथ होने वाली बारिश लोगों को बड़ी राहत देगी.
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मुंबई से लेकर केरल तक समुद्र में हाई अलर्ट
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी और तटीय राज्यों में कुदरत का कहर चरम पर पहुंचने वाला है. उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरिद्वार और नैनीताल में बादल फटने और खतरनाक भूस्खलन होने की आशंका के चलते चारधाम यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. हिमाचल प्रदेश के मनाली, कुल्लू और शिमला में पहाड़ी सड़कों पर चट्टानें गिरने का सिलसिला शुरू हो चुका है.
दक्षिण भारत की बात करें तो केरल के मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई, पुणे और कोंकण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. समुद्र में 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिसके चलते मछुआरों को गहरे पानी में जाने से पूरी तरह रोक दिया गया है.
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