Bharat Express DD Free Dish

इमरान मसूद का वक्फ संशोधन विधेयक पर तीखा हमला, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का भी किया जिक्र, कहा- संविधान को कमजोर कर रहा है यह बिल

इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक पर सरकार पर हमला बोला, इसे संविधान के खिलाफ बताया. उन्होंने वक्फ संपत्तियों और विवादों के समाधान पर गंभीर सवाल उठाए, साथ ही सरकार के निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए.

Waqf Bill

सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक पर सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे सहिष्णुता और विविधता के खिलाफ बताया और कहा कि इस बिल के जरिए संविधान को कमजोर किया जा रहा है, जो सभी नागरिकों को समान सुरक्षा की गारंटी देता है. मसूद ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का भी उदाहरण दिया. उनका कहना था कि वक्फ बोर्ड में 22 सदस्य होंगे, जिनमें से 10 ही मुसलमान होंगे, जिससे गैर-मुस्लिमों का बहुमत होगा. उन्होंने यह भी कहा कि काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के नियमों के अनुसार यदि डीएम पदेन अधिकारी होंगे, तो यदि डीएम मुसलमान हुआ तो उसके नीचे या ऊपर कोई अन्य अधिकारी पदेन अध्यक्ष होगा.

इमरान मसूद ने भीमराव आंबेडकर के संविधान की सराहना करते हुए कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों के संरक्षण का वादा किया था. उनका मानना है कि जब तक राजनीतिक लोकतंत्र की बुनियाद में सामाजिक लोकतंत्र नहीं होगा, तब तक लोकतंत्र कायम नहीं रह सकता. उन्होंने कहा कि संविधान सभी को समानता की गारंटी देता है, और वक्फ बिल को तैयार करने वाले ज्यादातर लोग इसके बारे में कोई जानकारी नहीं रखते थे. उनका आरोप था कि 90 प्रतिशत लोग यह नहीं बता सकते कि पाकी और नापाकी का क्या मतलब है, और यह केवल मुसलमान ही समझ सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ का प्रबंधन सरकार के हाथ में है.

वक्फ बिल के प्रावधान पर जमकर बोले इमरान मसूद

वक्फ बिल के विभिन्न प्रावधानों पर बात करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि विभिन्न राज्य बोर्डों ने यह बताया है कि कितनी वक्फ संपत्तियां विवादों में हैं. नए बिल के अनुसार, वही संपत्ति वक्फ बोर्ड के दायरे में होगी जो पूरी तरह से विवाद से मुक्त हो. यूपी में 11,500 हेक्टेयर भूमि को सरकारी घोषित किया गया है और यह विवादित है. नए बिल के मुताबिक, इस संपत्ति को अब वक्फ की नहीं मानी जाएगी. वक्फ संपत्ति के विवादों को सुनने की शक्ति अब ट्राइब्यूनल से बाहर की जा रही है, लेकिन यह नहीं बताया जा रहा है कि सक्षम अधिकारी कितने समय में निर्णय देंगे. इस प्रकार, जब तक विवाद नहीं सुलझेंगे, तब तक उस पर सरकार का ही अधिकार रहेगा. मसूद का कहना था कि इस स्थिति में वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण करने वाले लोग भी अपना दावा पेश कर सकते हैं और उनके लिए यह एक खुला मैदान होगा जहां वे कब्जा जमा सकते हैं.


ये भी पढ़ें: वक्फ संशोधन बिल पर बंटा मुस्लिम समुदाय, कशिश वारसी ने वक्फ बोर्ड और ओवैसी पर साधा निशाना


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read