Gallantry Awards 2025: 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मोदी सरकार ने सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों को सम्मानित करने के लिए 86 गैलेंट्री अवॉर्ड्स की घोषणा की है. इनमें मुख्य रूप से ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा लेने वाले जवान शामिल हैं, जहां भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक तबाह किया था.
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसने देश की सुरक्षा क्षमता को मजबूत किया. पुरस्कारों में वीर चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, युद्ध सेवा मेडल और वायु सेना मेडल जैसे प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं. यह ऐलान रक्षा मंत्रालय द्वारा किया गया, जो जवानों की वीरता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है.
Among the majority of the 233 Gallantry Awards, 54 personnel from Left Wing Extremism affected areas, 152 personnel from Jammu & Kashmir region, three personnel from North-East and 24 personnel form other regions are being awarded for their gallant action: MHA
— ANI (@ANI) August 14, 2025
वायुसेना के बहादुरों का सम्मान
वायुसेना के 52 जवानों को वीरता पुरस्कार से नवाजा गया है, जो इस वर्ष सबसे अधिक है. इनमें 9 फाइटर पायलट और ऑफिसर शामिल हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. उन्हें वीर चक्र प्रदान किया गया है, जो युद्धकालीन तीसरा सबसे बड़ा वीरता पदक है. इसके अलावा, 13 अधिकारियों को युद्ध सेवा मेडल और 26 अधिकारी-वायुसैनिकों को वायु सेना मेडल दिया गया.
विशेष रूप से, वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी, वेस्टर्न एयर कमांडर एयर मार्शल जीतेन्द्र मिश्रा, डीजी एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल अवधेश भारती और एक अन्य ऑफिसर को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया. ये पुरस्कार वायुसेना की रणनीतिक क्षमता और पायलटों की साहसिक उड़ानों को रेखांकित करते हैं. ऑपरेशन के दौरान वायुसेना ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर दुश्मन के ठिकानों को बिना किसी नुकसान के नष्ट किया.
थल सेना के जांबाज भी सम्मानित
इंडियन आर्मी के 18 जवानों को वीरता मेडल से सम्मानित किया गया है. इनमें 2 सीनियर ऑफिसर को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक मिला है. पुरस्कारों की सूची में 4 कीर्ति चक्र, 4 वीर चक्र और 8 शौर्य चक्र शामिल हैं, जो सेना के जवानों की सीमा पर साहसिक कार्रवाइयों को मान्यता देते हैं. सेना के अधिकारियों ने बताया कि ये पुरस्कार ऑपरेशन सिंदूर के ग्राउंड सपोर्ट और अन्य अभियानों में दिखाई गई बहादुरी के लिए हैं. सेना ने ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां उन्होंने सीमा पार से घुसपैठ को रोका और आतंकवादियों को मार गिराया. यह सम्मान सेना की एकता और तैयारियों को मजबूत करेगा.
BSF और अन्य बलों का सम्मान
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 16 जवानों को गैलेंट्री मेडल प्रदान किया गया है. बीएसएफ भारत-पाकिस्तान की 2290 किलोमीटर लंबी सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) की रक्षा करती है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ के 2 जवान शहीद हो गए, जबकि 7 घायल हुए. उनके बलिदान को याद करते हुए ये पुरस्कार दिए गए हैं. इसके अलावा, पुलिस और अर्धसैनिक बलों को भी सम्मानित किया गया.
जम्मू-कश्मीर पुलिस के 128, सीआरपीएफ के 20 और छत्तीसगढ़ पुलिस के 14 जवानों को मेडल मिले हैं. कुल मिलाकर, केंद्र और राज्य बलों के 1090 पुलिसकर्मियों को सेवा पदक दिए गए, जिनमें 233 को वीरता मेडल, 99 को राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक और 758 को उत्कृष्ट सेवा पदक शामिल हैं. जम्मू-कश्मीर से सबसे अधिक 152 पुलिसकर्मियों को वीरता मेडल मिले. फायर सर्विस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस के कर्मी भी इस सूची में हैं.
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