Independence Day 2025: देशभर में शुक्रवार को आजादी का पर्व उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता दिवस को 140 करोड़ संकल्पों का महापर्व बताया. उन्होंने अपने भाषण में तकनीकी प्रगति, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आने वाले वर्षों के लिए भारत के विजन पर विस्तार से चर्चा की.
आत्मनिर्भर पर बोले पीएम मोदी
आत्मनिर्भर पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा,
“अगर जीवन दूसरों पर निर्भर हो जाए, तो आज़ादी का सवाल ही मिटने लगता है और असली दुर्भाग्य तब शुरू होता है जब निर्भरता आदत में बदल जाती है. जब हमें पता ही नहीं चलता कि कब हम आत्मनिर्भर होना छोड़कर किसी और पर निर्भर हो गए. यह आदत खतरे से खाली नहीं है इसलिए आत्मनिर्भर बने रहने के लिए हर पल सतर्क रहना ज़रूरी है. मेरे प्यारे देशवासियो, आत्मनिर्भरता सिर्फ़ आयात-निर्यात, रुपये, पाउंड या डॉलर तक सीमित नहीं है. इसका अर्थ कहीं व्यापक है आत्मनिर्भरता सीधे तौर पर हमारी ताकत से जुड़ी है. अगर हम आत्मनिर्भर न होते, तो क्या हम ऑपरेशन सिंदूर इतनी तेज़ी से अंजाम दे पाते? हमें चिंता होती कि हमें ज़रूरी उपकरण कौन देगा, हमें मिलेंगे भी या नहीं.”
पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी के विभिन्न आयामों की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा,
“जब हम टेक्नोलॉजी के विभिन्न आयामों की बात करते हैं तो मैं आपका ध्यान सेमीकंडक्टर की ओर आकर्षित करना चाहता हूं. 50-60 साल पहले भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के विचार शुरू हुए थे फाइलें भी बनीं लेकिन वे अटक गईं, लटक गईं. सेमीकंडक्टर के विचार की ही भ्रूण हत्या हो गई. इस दौरान कई देश सेमीकंडक्टर में महारत हासिल कर वैश्विक ताकत बन गए. उन्होंने बताया कि अब भारत मिशन मोड में इस दिशा में आगे बढ़ रहा है. छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स की नींव रखी जा चुकी है. इस साल के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स यानी भारत में बनी हुई, भारत के लोगों द्वारा बनी हुई चिप्स बाजार में आ जाएंगी.”
ऊर्जा जरूरतों पर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा,
“भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अभी भी कई देशों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके लिए पेट्रोल, डीजल और गैस पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च होते हैं. उन्होंने कहा कि अगर हम ऊर्जा में आत्मनिर्भर होते, तो ये धन देश के युवाओं और गरीबी दूर करने में लगाया जा सकता था.”
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, नए बांधों के जरिए हाइड्रो पावर का विस्तार हो रहा है और मिशन ग्रीन हाइड्रोजन के तहत हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है. इसके साथ ही 10 नए परमाणु रिएक्टर कार्यरत हैं और 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना से अधिक बढ़ाने का लक्ष्य है. इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के लिए भी परमाणु ऊर्जा के द्वार खोल दिए गए हैं.
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2030 तक हम क्लीन एनर्जी लाएंगे- पीएण मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि हमने यह तय किया कि हम 2030 तक हम क्लीन एनर्जी लाएंगे. हम अपने संकल्प को 50 प्रतिशत पूरा कर चुके हैं. बजट का एक बड़ा हिस्सा पेट्रोल, गैस लाने में खर्च होता है. अगर हम ऊर्जा में निर्भर न होते तो वो धन देश के युवाओं, गरीबी दूर करने के लिए काम आता. अब हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं. हम अब समुद्र मंथन की ओर जा रहे हैं. हम समुद्र के भीतर तेल और गैस भंडार खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं. भारत नया मिशन शुरू करने जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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