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 India AI Impact Summit 2026: AI सहयोग की दिशा में बड़ा कदम, 89 देशों ने अपनाई नई दिल्ली घोषणा

India AI Impact Summit 2026: भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘नई दिल्ली घोषणा’ को 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला. मानव-केंद्रित AI, सुरक्षित तकनीक और वैश्विक सहयोग पर जोर दिया गया.

India AI Impact Summit 2026

India AI Impact Summit 2026: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का समापन ‘नई दिल्ली घोषणा’ को अपनाने के साथ हुआ. यह अब तक का सबसे बड़ा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सम्मेलन बताया जा रहा है. इस घोषणा को 89 देशों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला है, जिसे वैश्विक एआई सहयोग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

“सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय”

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि समिट के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण का समर्थन किया है. यह घोषणा “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के सिद्धांत से प्रेरित है, जिसका मकसद एआई के लाभों को पूरी मानवता तक समान रूप से पहुंचाना है.

घोषणा में कहा गया है कि एआई (AI) आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई का बड़ा साधन बन सकता है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार और समान अवसर वाले ढांचे की जरूरत है. इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने, बहुपक्षीय भागीदारी को मजबूत करने और हर देश की संप्रभुता का सम्मान करने पर जोर दिया गया है.

‘नई दिल्ली घोषणा’ के सात स्तंभ

‘नई दिल्ली घोषणा’ सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है. इनमें एआई (AI) संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, सुरक्षित और भरोसेमंद एआई, विज्ञान के लिए एआई, सामाजिक सशक्तिकरण, मानव संसाधन विकास और ऊर्जा-कुशल एआई सिस्टम शामिल हैं.

सम्मेलन के दौरान कई नई वैश्विक पहलें भी शुरू की गईं. एआई (AI) संसाधनों तक सस्ती और समान पहुंच के लिए एक चार्टर लाया गया. ‘ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स’ मंच की शुरुआत की गई, जो एआई के सफल उपयोग मामलों को साझा करेगा. साथ ही ‘भरोसेमंद एआई कॉमन्स’ के जरिए सुरक्षित एआई सिस्टम विकसित करने के लिए टूल्स और मानक उपलब्ध कराए जाएंगे.


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इसके अलावा, एआई आधारित शोध को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, कौशल विकास और री-स्किलिंग कार्यक्रमों तथा ऊर्जा-कुशल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सहमति बनी. समिट में शामिल देशों ने एआई को वैश्विक आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनाने और लगातार सहयोग जारी रखने का संकल्प दोहराया.

-भारत एक्सप्रेस



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