अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने टेक्सास यूनिवर्सिटी के मैककॉम्ब्स बिजनेस स्कूल द्वारा आयोजित ऑस्टिन इंडिया कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का है और यह यात्रा शैक्षणिक विमर्श और नीतिगत फैसलों पर आधारित है.
विजन 2047 पर चर्चा
क्वात्रा ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि भारत के ‘विकसित भारत’ विजन पर विचार-विमर्श करने के लिए इस तरह की पहलें बेहद अहम हैं. उन्होंने बताया कि भारत की प्रगति को दिशा देने वाले निर्णय गहरी नीतिगत चर्चाओं से निकलते हैं, जो आने वाले दशकों में देश की परिवर्तनकारी यात्रा की नींव रखेंगे.
भारत-अमेरिका सहयोग
राजदूत ने कहा कि भारत की विकास और नवाचार यात्रा से न सिर्फ भारत बल्कि अमेरिका को भी साझा लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक तालमेल लगातार मजबूत हो रहा है.
ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत का बयान
ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत डीसी मंजूनाथ ने ‘द ग्रोथ ट्रायंगल’ सत्र में कहा कि भारत-अमेरिका संबंध तीन स्तंभों पर आधारित हैं—सरकार से सरकार, व्यापार से व्यापार और लोगों से लोगों का जुड़ाव. उन्होंने बताया कि ये स्तंभ द्विपक्षीय रिश्तों को लगातार ऊपर की ओर ले जा रहे हैं.
टेक्सास के साथ जुड़ाव
मंजूनाथ ने कहा कि भारत और टेक्सास के बीच सहयोग व्यापक भारत-अमेरिका संबंधों का अहम हिस्सा है. उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय जुड़ाव आर्थिक साझेदारी, नवाचार और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग
मंजूनाथ ने टेक्सास यूनिवर्सिटी के नेतृत्व और संकाय का आभार जताया और कहा कि वाणिज्य दूतावास शैक्षणिक व अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इस तरह की भागीदारी संवाद को मजबूत करती है, नवाचार को प्रोत्साहित करती है और विकास की साझा दृष्टि को आगे बढ़ाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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