114 Rafale deal India approval: राफेल डील को लेकर लंबे समय से चल रही तैयारी आखिरकार पूरी हो गई है. रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 मेक इन इंडिया राफेल लड़ाकू विमानों की मेगा डिफेंस डील को मंजूरी दे दी है. इस सौदे की कुल कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये है, जो दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील्स में से एक है. इतना ही नहीं, अमेरिकी टोही एयरक्राफ्ट P-8I डील को भी हरी झंडी मिल गई है. बता दें कि डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की अहम बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिली है.
मैक्रों की यात्रा से पहले बड़ा फैसला
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दिल्ली यात्रा (17-19 फरवरी) से ठीक पहले यह ऐतिहासिक फैसला आया है. पिछले महीने रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने वायुसेना के इस प्रपोजल को मंजूरी दी थी. अब यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास जाएगा. बहुत संभव है कि इन 114 राफेल में से 16 को सीधे फ्रांस से खरीदा जाएगा. बाकी भारत में मेक इन इंडिया के तहत बनाए जाएंगे.
ऑपरेशन सिंदूर में बिखेरा था जलवा
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के मौजूदा 36 राफेल फाइटर जेट ने पाकिस्तान के खिलाफ कमाल दिखाया था. वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने राफेल को ‘ऑपरेशन सिंदूर का हीरो’ करार दिया था. राफेल को मिटयोर, मीका और स्कैल्प मिसाइलों से लैस किया गया था. मेक इन इंडिया राफेल में करीब 60% स्वदेशी हथियार और उपकरण लगेंगे.
पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका
यह डील पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका है. ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की ताकत देखकर पाकिस्तान पहले से ही कांप रहा था. अब 114 और राफेल से भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. यह डील न सिर्फ वायुसेना को मजबूत करेगी बल्कि भारत की रक्षा क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई देगी.
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कितनी बढ़ जाएगी भारत की ताकत?
भारतीय वायुसेना आज 29 लड़ाकू स्क्वाड्रन पर चल रही है, जबकि जरूरत 42 की है. जिसमें 36 मौजूदा राफेल दो दमदार स्क्वाड्रन पहले ही बना चुके हैं. अब DAC ने मंजूर किए 114 नए राफेल के आते ही 6 और स्क्वाड्रन जुड़ जाएंगे. यानी 150 राफेल से भारत की कुल 35 स्क्वाड्रन तैयार जाएंगी. वहीं आगामी भारत के प्रोजेक्ट LCA Mk1A, Mk2, AMCA के जुडने के बाद 50 स्क्वाड्रन का सपना 2035 तक साकार होने की उम्मीद बढ़ जाएगी.बताते चलें कि पिछले साल अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए 26 राफेल (मरीन वर्जन) का सौदा किया था, जिसकी कीमत करीब 63 हजार करोड़ रुपये थी. इन राफेल (M) को आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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