विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) के 10 प्रमुख नेताओं के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार शाम राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से औपचारिक मुलाकात की. इस बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने और मतदाता सूचियों में कथित हेराफेरी व ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा.
प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत गठबंधन के कई वरिष्ठ सांसद शामिल रहे. इससे पूर्व विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से विजय चौक तक पैदल मार्च निकाला. विजय चौक पर सांसदों ने धरना देने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाबलों द्वारा रोके जाने के बाद तय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलने रवाना हुआ.
‘राष्ट्रपति ने आरोपों को नकारा नहीं, सबूत मांगे’: राहुल गांधी
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद बाहर आए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया:
“यह एक अप्रत्याशित बैठक थी. जब हमने राष्ट्रपति जी के समक्ष देश में हो रहे चुनाव और वोट चोरी का गंभीर विषय रखा, तो उन्होंने हमारे किसी भी आरोप का खंडन नहीं किया और न ही कोई तर्क रखा. उन्होंने हमसे इसके सबूत प्रस्तुत करने को कहा है. पूरा देश और छात्र जानते हैं कि वोट चोरी कैसे हो रही है. नरेंद्र मोदी इसके आर्किटेक्ट हैं, जबकि गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसे धरातल पर लागू करने वाले हैं. हमने जो सबूत जुटाए हैं, वे हम पूरी संतुष्टि के साथ राष्ट्रपति जी को सौंपेंगे. इसके अलावा हम सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मिलने सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और उन्हें भी ज्ञापन सौंपेंगे.’
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग: मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले चार दिनों से विपक्ष संसद और सड़कों पर वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहा है. उन्होंने कहा:
“हमारी पहली और प्रमुख मांग है कि चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराए जाएं. जहां-जहां भी वोट चोरी हुई है, राष्ट्रपति महोदया ने उसके साक्ष्य मांगे हैं. हम वह सभी दस्तावेज और प्रमाण तैयार कर रहे हैं और जल्द ही उन्हें सौंपेंगे. राष्ट्रपति जी ने हमारी सभी बातों को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि वे पूरे मामले का गहन अध्ययन करने और संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद ही अगला कदम तय करेंगी.’
राजधानी में ट्रेनों की आवाजाही पर असर
इधर, दिल्ली में प्रस्तावित राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था के चलते रेल सेवाओं पर भी असर देखने को मिला है. उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (PRO NR) के अनुसार, इनकमिंग रेक उपलब्ध न होने के कारण दिल्ली आने वाली करीब 40 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें और दिल्ली से रवाना होने वाली 35 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जिससे कुल 75 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है.
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