भारत के युवा हॉकी खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश का सिर ऊंचा कर दिया है. एफआईएच हॉकी मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया. यह भारत का इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहला कांस्य पदक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर खिलाड़ियों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि यह सफलता देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी.
टूर्नामेंट तमिलनाडु में आयोजित हुआ था. फाइनल मैच में भारत ने आखिरी क्वार्टर में शानदार कमबैक किया. पहले 0-2 से पीछे चल रही टीम ने आखिरी 12 मिनट में चार गोल ठोककर अर्जेंटीना को 4-2 से हरा दिया. यह जीत पिछले दो टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रहने के बाद आई है. टीम के कप्तान और खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और जज्बे से सबको प्रभावित किया.
खिलाडियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही
पीएम द्वारा शेयर की गई तस्वीर में खिलाड़ी पदक पहने खड़े नजर आ रहे हैं. उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है. ट्रॉफी के साथ वे स्टेडियम में खड़े हैं. बैकग्राउंड में बड़ा बैनर है जो ‘लेट्स हॉकी’ लिखा हुआ है. यह दृश्य देखकर लगता है जैसे पूरा देश जश्न मना रहा हो. कोच और सपोर्ट स्टाफ भी टीम के साथ खुश नजर आ रहे हैं.
यह पदक भारतीय हॉकी के भविष्य को मजबूत बनाता है. युवा खिलाड़ी अब ओलंपिक और अन्य बड़े इवेंट के लिए तैयार हो रहे हैं. सरकार ने भी खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं. इस सफलता से ग्रामीण इलाकों के बच्चे भी हॉकी की ओर रुख कर सकते हैं.
यह उपलब्धि पूरे देश को प्रेरित करेगी: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने ट्वीट में लिखा, ‘हमारी युवा और उत्साही टीम ने इतिहास रचा है. यह उपलब्धि पूरे देश को प्रेरित करेगी.’ भारतीय हॉकी महासंघ ने भी टीम को सराहा. विशेषज्ञों का कहना है कि यह जीत हॉकी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी. खिलाड़ियों के परिवार वाले भी गर्व से भरे हैं. यह पदक न सिर्फ खेल का है, बल्कि देश की एकता का प्रतीक भी है. आने वाले दिनों में और भी सफलताएं मिलेंगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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