केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया.
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि आने वाले वर्षों में भारत “दुनिया की डेटा राजधानी” बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है. उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में संचार क्षेत्र में आई क्रांति और डेटा की कीमतों में भारी गिरावट इसके पीछे मुख्य कारण हैं.
CII के वार्षिक बिजनेस सम्मेलन 2025 में बोलते हुए सिंधिया ने बताया कि 11 साल पहले जहां एक जीबी डेटा की कीमत 287 रुपये हुआ करती थी, वहीं आज यह महज 9 रुपये रह गई है. यह करीब 97 प्रतिशत की गिरावट है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर एक जीबी डेटा की औसत कीमत करीब 2.5 डॉलर (लगभग 210 रुपये) है, जबकि भारत में यह केवल 11 सेंट (लगभग 9 रुपये) है — यानी वैश्विक औसत का मात्र 5 प्रतिशत.
भारत बना डिजिटल-प्रथम अर्थव्यवस्था
सिंधिया ने कहा कि भारत अब पूरी दुनिया में एक डिजिटल-प्रथम अर्थव्यवस्था के रूप में जाना जाता है, और इसका श्रेय देश के दूरसंचार क्षेत्र में पिछले दशक में हुए तेज़ विकास को जाता है. उन्होंने बताया कि मोबाइल ग्राहकों की संख्या 800 मिलियन से बढ़कर 1.2 बिलियन हो गई है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बाज़ार बन चुका है.
उन्होंने बताया कि इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 250 मिलियन से बढ़कर 974 मिलियन तक पहुंच चुकी है, जबकि ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ता 66 मिलियन से बढ़कर लगभग 940 मिलियन हो गए हैं.
स्वदेशी 4G तकनीक में आत्मनिर्भर भारत
सिंधिया ने स्वदेशी 4G टेलीकॉम स्टैक के विकास को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस तकनीक को अब BSNL के नेटवर्क पर लागू किया जा रहा है और अब तक 1 लाख नियोजित टावरों में से लगभग 94,000 टावर लगाए जा चुके हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बीएसएनएल ने लगातार दूसरे तिमाही में शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो कि पिछले 18 वर्षों में पहली बार हुआ है.
ये भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सैन्य शक्ति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक बाज़ार में बड़ी जीत की कहानी
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




