भारत और फ्रांस की दोस्ती अब सिर्फ कागजों और सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रह गई है. यह रिश्ता अब प्रयोगशालाओं, स्टार्टअप्स और आम लोगों के सपनों तक पहुंच चुका है. 2026 की शुरुआत के साथ ही दोनों देशों ने इसे ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ (India–France Year of Innovation) के रूप में मनाने का फैसला किया है. मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एक साथ आए, तो माहौल में एक अलग ही गर्मजोशी दिखी.
साझेदारी से जन-हितैषी साझेदारी तक
इस खास मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है.
We are glad to mark 2026 as the India–France Year of Innovation. We are transforming our partnership into a partnership of the people!@EmmanuelMacron pic.twitter.com/9BgqAE4PH5
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हम अपनी साझेदारी को जन-हितैषी साझेदारी में परिवर्तित कर रहे हैं! @EmmanuelMacron’
क्या है ‘Year of Innovation’?
सरल शब्दों में कहें तो इस पहल का मतलब है कि अब भारत के उभरते स्टार्टअप्स और फ्रांस की आधुनिक टेक्नोलॉजी एक-दूसरे के हाथ थामकर चलेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने साफ़ किया कि अब यह साझेदारी सिर्फ दो सरकारों की नहीं, बल्कि ‘लोगों की साझेदारी’ बन चुकी है. इसका सीधा फायदा हमारे युवाओं, वैज्ञानिकों और छोटे कारोबारियों को मिलेगा.
इस साल के दौरान कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम होना है. जून 2026 में फ्रांस में ‘इंडिया इनोवेत्स 2026’ का आयोजन किया जाएगा, जहां भारत के टॉप स्टार्टअप्स स्वास्थ्य, क्लाइमेट चेंज और सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे.
‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’
मुंबई के लोक भवन में हुई मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने अपने रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया. पीएम मोदी ने बड़े गर्व से कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्ती की कोई सीमा नहीं है, यह गहरे समंदर से लेकर अंतरिक्ष और हिमालय की ऊंची चोटियों तक फैली हुई है.
इस यात्रा के दौरान कुछ बड़ी उपलब्धियां भी सामने आईं जो सीधे तौर पर भारत की ताकत बढ़ाएंगी:
- रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’: टाटा और एयरबस ने मिलकर कर्नाटक के वेमगल में H-125 हेलीकॉप्टर की असेंबली लाइन शुरू की है. यह दुनिया का इकलौता ऐसा हेलीकॉप्टर होगा जो माउंट एवरेस्ट जितनी ऊंचाई तक उड़ान भर सकेगा.
- AI और भविष्य की तकनीक: दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सुरक्षित और मानवीय बनाने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं. एम्स दिल्ली में एक खास ‘इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर AI इन हेल्थ’ भी खोला जाएगा.
- स्पेस और रिसर्च: इसरो और फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी (CNES) मिलकर ‘तृष्णा’ (TRISHNA) सैटेलाइट पर काम कर रहे हैं, जो खेती और जलवायु परिवर्तन को समझने में क्रांतिकारी साबित होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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