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PoK Elections: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कराए जा रहे विधानसभा चुनावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध ठहराने और वहां हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान हटाने की कोशिश है.
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
मंगलवार को हुई प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके भी शामिल हैं. उन्होंने दोहराया कि भारत का रुख इस मुद्दे पर हमेशा स्पष्ट और सुसंगत रहा है.
चुनावों को बताया दिखावटी प्रक्रिया
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा कराया जा रहा यह चुनावी अभ्यास सिर्फ एक दिखावा है. इसका मकसद अपने अवैध कब्जे को छिपाना और वहां जारी मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालना है. प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पीओके में लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन इस बात का सबूत हैं कि वहां के लोग आर्थिक शोषण और प्रशासनिक दमन का सामना कर रहे हैं.
हिंसा और धांधली के आरोप
पीओके में तीन चरणों वाले चुनाव के पहले चरण की वोटिंग सोमवार को हुई. इस दौरान हिंसा और धांधली की खबरें सामने आईं. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) ने एक-दूसरे पर चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाए. वोटिंग के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हुए.
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PPP कार्यकर्ता की मौत
PPP ने आरोप लगाया कि नक्याल में वोटिंग के दौरान कोटली जिले में उसके 35 वर्षीय कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की हत्या कर दी गई. पार्टी ने कहा कि पीएमएल-एन समर्थकों की गोलीबारी में यूनुस की मौत हुई और दो अन्य घायल हो गए. इस घटना पर PPP चेयरमैन बिलावल भुट्टो-जरदारी ने दुख जताते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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