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भारतीय सेना ने उरी सेक्टर में पाकिस्तान की गोलाबारी से प्रभावित नागरिकों के लिए लगाया निःशुल्क चिकित्सा शिविर

उरी सेक्टर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की गोलाबारी से प्रभावित नागरिकों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया, जिससे सीमावर्ती ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली. यह कदम सेना के सद्भावना अभियान का हिस्सा है.

Indian Army medical camp

उरी (जम्मू-कश्मीर): भारत-पाक संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी से प्रभावित नागरिकों की मदद के लिए भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती उरी सेक्टर में एक मानवता आधारित निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया. इस पहल का उद्देश्य उन आम लोगों को राहत पहुंचाना है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार हो रही गोलीबारी और तनाव के चलते चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं.

चिकित्सा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने लिया भाग

इस चिकित्सा शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया. सेना के डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक विशेष टीम ने मरीजों की जांच की और उन्हें आवश्यक दवाएं भी निशुल्क प्रदान कीं. जिन रोगों का प्राथमिक स्तर पर इलाज किया जा सकता था, उन्हें वहीं उपचार दिया गया और गंभीर मामलों के लिए आगे की चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी दी गई.

स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सरहाना की

स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कठिन समय में सेना का यह मानवीय चेहरा उनके लिए बड़ी राहत है. सीमावर्ती गांवों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं या तो बहुत दूर हैं या फिर गोलीबारी के चलते वहां जाना संभव नहीं होता, ऐसे में सेना का यह प्रयास जीवन रक्षक सिद्ध हो रहा है.

यह कदम सेना के सद्भावना अभियान का है हिस्सा

सेना अधिकारियों के अनुसार, यह शिविर केवल एक बार की पहल नहीं है, बल्कि ऐसे और भी चिकित्सा शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें. यह पहल भारतीय सेना की “सद्भावना” (Goodwill) अभियान का हिस्सा है, जो न केवल सुरक्षा बल्कि नागरिक कल्याण को भी प्राथमिकता देता है.

भारतीय सेना का यह कदम न केवल ज़मीनी स्तर पर नागरिकों की पीड़ा को कम करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत सुरक्षा के साथ-साथ मानवता को भी समान महत्व देता है — खासकर तब, जब आम लोग युद्ध जैसे हालात में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं.

-भारत एक्सप्रेस 



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