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नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया ‘भारतीय भाषा अनुभाग’ का उद्घाटन, भाषाई विविधता को बढ़ावा देने की पहल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में ‘भारतीय भाषा अनुभाग’ का उद्घाटन किया. यह पहल भारतीय भाषाओं के संरक्षण, प्रचार और तकनीकी-शैक्षणिक क्षेत्रों में उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

Amit Shah

देश में भाषाई समावेश और विविधता को नई दिशा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में ‘भारतीय भाषा अनुभाग (Bharatiya Bhasha Anubhag)’ का उद्घाटन किया. यह आयोजन भारतीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार, संरक्षण और उनके प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है.

इस अवसर पर श्री अमित शाह ने कहा कि, “भारतीय भाषाएं न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान का आधार हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा का भी अभिन्न हिस्सा हैं. हमें अपनी भाषाओं पर गर्व करना चाहिए और इन्हें तकनीकी, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रयोग में लाना चाहिए.”

भाषाई समावेश की दिशा में बड़ा कदम

‘भारतीय भाषा अनुभाग’ का उद्देश्य केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और संस्थानों में भारतीय भाषाओं के प्रयोग को बढ़ाना, क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद की क्षमता को मजबूत करना और देश भर में भाषाई समानता को प्रोत्साहन देना है. यह अनुभाग अब एक केंद्रीय केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जहां विभिन्न भारतीय भाषाओं में दस्तावेज़ों, नीतियों, भाषणों, और शैक्षणिक सामग्रियों का संकलन और प्रचार किया जाएगा.

शिक्षा और तकनीक में भारतीय भाषाओं की भूमिका

अमित शाह ने यह भी उल्लेख किया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत मातृभाषा में शिक्षा देने पर विशेष बल दिया गया है. उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक भारतीय भाषाओं के माध्यम से ज्ञान का प्रसार न केवल छात्रों को अधिक सहजता से विषयों को समझने में मदद करेगा, बल्कि यह भाषाई आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देगा.

डिजिटल इंडिया में भाषा का महत्व

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आने वाले वर्षों में डिजिटल इंडिया के अंतर्गत सभी सरकारी सेवाओं को भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. तकनीक आधारित अनुवाद टूल्स, भाषायी AI, और भारतीय भाषाओं में सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन जैसे कई नवाचारों पर काम किया जा रहा है.

भविष्य की योजनाएं

इस नए अनुभाग के तहत राष्ट्रीय स्तर पर भाषायी शोध, अनुवाद, भाषाविज्ञान और भारतीय भाषाओं में पुस्तकों के प्रकाशन को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही, क्षेत्रीय भाषा बोलने वाले सरकारी कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे अपने कार्यस्थल पर भी मातृभाषा में कार्य करें.

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-भारत एक्सप्रेस 



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