Bharat Express DD Free Dish

Indigo का 20 सालों का रिकॉर्ड टूटा: 550 फ्लाइट्स हुई रद्द, जारी रहेगी समस्या

इंडिगो की फ्लाइट देरी और कैंसिलेशन का सिलसिला तीसरे दिन भी नहीं रुका. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एयरलाइन को 550 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं.

देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर गुरुवार (4 दिसंबर 2025) का दिन यात्रियों के लिए बेहद मुश्किल रहा. IndiGo की फ्लाइट देरी और कैंसिलेशन का सिलसिला तीसरे दिन भी नहीं रुका. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एयरलाइन को 550 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं.

क्यों बिगड़ी IndiGo की हालात?

इंडिगो इन दिनों कई मोर्चों पर चुनौतियों से घिरी हुई है, कहीं केबिन क्रू की कमी, तो कहीं तकनीकी समस्याएं. इसके ऊपर नए टाइम टेबल के चलते एयरलाइन ने पहले से तय कुछ उड़ानें रद्द करने का फैसला भी लिया है, ताकि धीरे-धीरे ऑपरेशंस को पटरी पर लाया जा सके.

एयरलाइन ने साफ कहा है कि अगले दो-तीन दिनों में भी और उड़ानें रद्द होंगी. बुधवार को इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस सिर्फ 19.7% रह गई, जबकि एक दिन पहले ही यह 35% थी, जो कि एयरलाइन के लिए बेहद गंभीर संकेत है, क्योंकि समय की पाबंदी इंडिगो की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है.

बता दें कि ऐसा इंडिगो के 20 सालों के इतिहास में पहली बार हो रहा है.

कौन-कौन से एयरपोर्ट प्रभावित?

सबसे ज्यादा दिक्कत मुंबई में दिखी, जहां 85 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. इसके बाद बेंगलुरु (73), हैदराबाद (68), चेन्नई (31) और दिल्ली (30) में भी यात्रियों को घंटों की देरी, लंबी लाइनों और जानकारी के अभाव से जूझना पड़ा. हैदराबाद में तो नाराज यात्री नारेबाजी करने लगे.

विशाखापट्टनम में भी इंडिगो ने दो दिनों में 8 उड़ानें रद्द कीं और करीब 35 उड़ानें देर से चलीं.

सरकार ने जताई नाराजगी

बिगड़ती स्थिति को देखते हुए इंडिगो के शीर्ष अधिकारी सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू और DGCA चीफ फैज किडवई से मिले. बैठक में एयरलाइन ने माना कि नई पायलट ड्यूटी-रेस्ट नियमों को 1 नवंबर से लागू करने में “प्लानिंग गैप” रह गया. खासकर रात की उड़ानों पर लगी पाबंदियों के चलते पायलटों की जरूरत उम्मीद से बहुत ज्यादा निकली.

एयरलाइन ने मंत्रालय को बताया कि 8 दिसंबर से वह अपनी उड़ानें कम करेगी ताकि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो सकें. साथ ही, अगले दो-तीन दिनों तक देरी और कैंसिलेशन के जारी रहने की चेतावनी भी दी. इंडिगो ने रात में उड़ानों के नियमों से 10 फरवरी तक छूट देने की मांग रखी है, जिसे DGCA जल्द समीक्षा करेगा.

मंत्री ने एयरलाइन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नए नियम लागू करने के लिए इंडिगो को पर्याप्त समय दिया गया था. साथ ही निर्देश दिया कि एयरपोर्ट्स पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए ताकि यात्रियों को बेहतर सहायता मिल सके.

दूसरी एयरलाइंस भी परेशान

इसका असर सिर्फ इंडिगो पर ही नहीं, बल्कि दूसरी एयरलाइंस पर भी पड़ा, क्योंकि कई जगह इंडिगो के विमान पार्किंग बे में खड़े रह गए और बाकी कंपनियों को अपनी उड़ानें रोकनी पड़ीं. 10 में से 9 पार्किंग बे इंडिगो के विमानों से भरे रहे, जबकि उन पर उड़ान भरने के लिए पायलट ही उपलब्ध नहीं थे. इसके कारण बाकी एयरलाइंस के लिए सिर्फ एक ही बे बचा.

वहीं, इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी के बड़े नेटवर्क के कारण जब कोई समस्या होती है तो वह तुरंत कई स्तरों पर फैल जाती है और उसे ठीक करने में समय लगता है.

ये भी पढ़ें: इंडिगो पर फूटा यात्रियों का गुस्सा: दिल्ली-चंडीगढ़ फ्लाइट रद्द, सामान के लिए भटके 150 यात्री

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read