Bihar News: पटना के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या ने पूरे शहर को हिला दिया है. दिनदहाड़े गोली मारकर की गई इस हत्या के पीछे की कहानी जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही पेचीदा भी है. खेमका कोल पटना में उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई. दोहरी वारदात से व्यापारियों में दहशत है. पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
2017 में खेमका के बेटे की हत्या
2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हाजीपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. फैक्ट्री पहुंचते ही बाइक सवार बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसा दीं. मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी. आरोपी मस्तू सिंह को गिरफ्तार किया गया, लेकिन जेल से छूटने के बाद उसकी भी हत्या कर दी गई. अब गोपाल खेमका की भी हत्या हो गई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ये सिर्फ इत्तेफाक है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? परिवार में गुस्सा और डर दोनों है. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है.
राजनीति से क्यों बना ली थी दूरी ?
गोपाल खेमका सिर्फ एक बड़े कारोबारी ही नहीं थे वो एक समय में बीजेपी नेता भी थे. लेकिन 2018 में बेटे गुंजन खेमका की हत्या के बाद उन्होंने खुद को राजनीति से दूर कर लिया और अपने कई कारोबार भी बेच दिए थे. वे बांकीपुर क्लब के सदस्य और पूर्व सचिव भी रह चुके थे. उनकी खुद की हत्या ने पटना के व्यापारियों में डर का माहौल बना दिया है. अब सवाल उठ रहा है कि बेटे की हत्या के बाद भी पुलिस उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्क क्यों नहीं रही? अपराधियों ने घर के पास ही गोली मार दी और आराम से फरार हो गए. इतनी बड़ी वारदात के बाद पुलिस की लापरवाही पर भी सवाल उठने लगे हैं.
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