Iran US conflict: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत की भूमिका पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) का अहम बयान सामने आया है. जर्मनी में उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत किसी भी पक्ष के बीच सीधे तौर पर मध्यस्थता नहीं कर रहा है, लेकिन आगे चलकर ऐसा हो सकता है.
रक्षा मंत्री ने बताया कि “भारत ने शांति की दिशा में अपने स्तर पर प्रयास किए हैं. पीएम मोदी ने दोनों देशों से संघर्ष खत्म करने की अपील भी की है. राजनाथ सिंह के मुताबिक, हर पहल के लिए सही समय जरूरी होता है और संभव है कि भविष्य में भारत अहम भूमिका निभाए.”
पाकिस्तान भी नहीं हुआ सफल
यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें ज्यादा सफल नहीं रही हैं. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या कोई तीसरा देश स्थिति को संभाल सकता है. राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत हमेशा संतुलित रुख अपनाता रहा है और उसका ध्यान बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर है, ताकि तनाव खत्म हो और शांति स्थापित हो सके.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने जर्मनी में अपने भाषण में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में किसी भी तरह की रुकावट का भारत पर सीधा असर पड़ता है. उन्होंने समझाया कि भारत अपनी ऊर्जा का बड़ा हिस्सा वेस्ट एशिया से लेता है, इसलिए वहां की स्थिति हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह भी बताया कि आज के समय में किसी भी क्षेत्र में होने वाला संकट सिर्फ उसी इलाके तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, चाहे बात ऊर्जा, खाद्य या अर्थव्यवस्था की हो.
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भारत और जर्मनी के संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा और रणनीतिक सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं. उनके अनुसार, मौजूदा समय में भरोसेमंद साझेदारी और मिलकर काम करना बेहद जरूरी है.
-भारत एक्सप्रेस
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