ISRO Launches Bahubali LVM3 M6: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार की सुबह एक और नया इतिहास रच दिया है. भारत के सबसे ताकतवर रॉकेट ‘लॉन्च व्हीकल मार्क-3’ (LVM3-M6), यानी ‘बाहुबली’ ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफल उड़ान भरी. यह मिशन सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मोबाइल यूजर्स के लिए एक बड़ी क्रांति लेकर आया है. यह ISRO का पहला कॉमर्सियल मिशन भी है.
इस मिशन के तहत इसरो ने अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल के ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा है. यह कोई साधारण सैटेलाइट नहीं है. इसका काम दुनिया भर में सीधे आपके स्मार्टफोन तक हाई-स्पीड इंटरनेट और नेटवर्क पहुंचाना है.
अंतरिक्ष से मिलेंगे सिग्नल
मतलब साफ है कि अब मोबाइल टावर की जरूरत कम हो जाएगी. जंगल, पहाड़ या समुद्र के बीच भी आपको 4G और 5G नेटवर्क मिलेगा. इसके लिए आपको अपना फोन या सिम कार्ड बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, मौजूदा फोन पर ही अंतरिक्ष से सिग्नल आएंगे.
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में ISRO का LVM3 M6 मिशन सतीश धवन स्पेस सेंटर से हुआ लॉन्च.#ISRO #IndianSpaceResearchOrganisation #SatelliteLaunch #USCommunicationSatellite #SpaceMission #IndiaInSpace #GlobalConnectivity #BharatExpres pic.twitter.com/B9VIDMSPWf
— Bharat Express (@BhaaratExpress) December 24, 2025
ट्रैफिक में हुई 90 सेकंड की देरी
रॉकेट को सुबह 8:54 बजे लॉन्च होना था लेकिन इसे 90 सेकंड (डेढ़ मिनट) की देरी से 8:55:30 बजे लॉन्च किया गया. इसरो ने बताया कि उस वक्त रॉकेट के रास्ते में अंतरिक्ष में ‘ट्रैफिक जाम’ जैसी स्थिति थी. वहां से हजारों एक्टिव सैटेलाइट और मलबा गुजर रहा था. किसी भी टक्कर से बचने के लिए वैज्ञानिकों ने समझदारी दिखाई और लॉन्च का समय थोड़ा आगे बढ़ा दिया.
बाहुबली ने उठाया अब तक का सबसे भारी बोझ
इसरो के लिए यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि LVM3 रॉकेट ने अब तक का सबसे भारी पेलोड उठाया है. ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ सैटेलाइट का वजन करीब 6,100 किलोग्राम है. इससे पहले इस रॉकेट ने 4,400 किलो का वजन उठाया था. यही वजह है कि फिल्म ‘बाहुबली’ की तरह ताकतवर होने के कारण लोग और मीडिया इसे ‘बाहुबली रॉकेट’ बुलाते हैं.
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बिना सिम बदले मिलेगी सुविधा
अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल का कहना है कि उनका मकसद उन जगहों पर भी इंटरनेट पहुंचाना है, जहां केबल या टावर नहीं पहुंच सकते. कंपनी ने दुनिया भर के मोबाइल ऑपरेटर्स (जैसे एयरटेल, वोडाफोन आदि) के साथ हाथ मिलाया है, ताकि यूजर को अपना सर्विस प्रोवाइडर न बदलना पड़े.
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