जयपुर के बिड़ला सभागार में 5 अगस्त को आयोजित ‘आंगनबाड़ी बहन सम्मान समारोह’ प्रदेश की उन लाखों बहनों को समर्पित था, जो सेवा, समर्पण और सच्ची संवेदना के साथ मातृत्व और शिक्षा का दीप जलाए हुए हैं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने न केवल एक प्रशासक के रूप में बल्कि एक भावुक भाई के रूप में मंच से अपने विचार साझा किए और बहनों की सुरक्षा व गरिमा का संकल्प लिया.
राखी के बंधन से जुड़ा भाई का भाव
मुख्यमंत्री ने समारोह की शुरुआत आंगनबाड़ी बहनों से राखी बंधवाकर की. उन्होंने कहा कि यह कोई औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि एक भाई और बहनों के बीच आत्मीय रिश्ते का उत्सव है. उन्होंने सभी बहनों को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए घोषणा की कि रक्षाबंधन के अवसर पर राज्य की सभी बहनों को रोडवेज बसों में दो दिन निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी.
लाखों बहनों के बीच एक वचन, एक सौगात
प्रदेश की एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी बहनें वर्चुअल माध्यम से इस समारोह से जुड़ीं. मुख्यमंत्री ने डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 21 हजार बहनों को राखी के उपहारस्वरूप 501-501 रुपये की राशि हस्तांतरित की. साथ ही बहनों को छाता और मिठाई भी उपहार में दी गईं. यह सिर्फ उपहार नहीं, बल्कि उस सेवा के प्रति आभार था जो ये बहनें निष्ठा से वर्षों से निभा रही हैं.
मातृस्वरूपा बहनों को मिला सामाजिक सम्मान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी बहनों की भूमिका को केवल पोषण प्रदायक नहीं बल्कि समाज की रचना में केंद्रीय स्तंभ बताया. उन्होंने कहा कि ये बहनें बच्चों की शिक्षिका, स्वास्थ्य की प्रहरी और संस्कारों की वाहक हैं. इनका एक शब्द, एक स्पर्श, एक मुस्कान किसी बच्चे का भविष्य संवार सकती है.
कुपोषण के विरुद्ध सशक्त कदम
मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान दूध युक्त बालाहार प्रीमिक्स पैकेट का शुभारंभ किया. इस योजना के तहत कुपोषित बच्चों को दी जाने वाली दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम की गई है, जिससे पोषण की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा.
बहनों को दिलाई पोषण शपथ
मुख्यमंत्री ने समारोह में उपस्थित बहनों को पोषण शपथ दिलाई, जिसमें बहनों ने यह संकल्प लिया कि वे बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य और पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगी.
आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार का ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 2024 और 2025 में 10-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जिससे 1.35 लाख बहनों को लाभ मिला है. एक हजार नए आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं, और 2365 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की जा रही है. साथ ही केंद्रों की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के अंतर्गत अब 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में पांच दिन गर्म मीठा दूध दिया जा रहा है, जिससे बाल विकास की दिशा में प्रभावी बदलाव आ रहे हैं.
डबल इंजन सरकार का मजबूत कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में नारी शक्ति को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया जा रहा है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम से लेकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और लखपति दीदी जैसी योजनाएं इस बदलाव की गवाह हैं.
राजस्थान भी इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. राज्य में 18 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी योजना में प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 9 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं.
वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है. लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 2 लाख 46 हजार बालिकाओं को डेढ़ लाख रुपये के सेविंग बॉन्ड दिए गए हैं. बेटियों को सशक्त बनाने के लिए स्कूटी और साइकिल वितरण जैसे ठोस प्रयास किए गए हैं.
बहनों की सुरक्षा: सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
महिला सुरक्षा के लिए सरकार ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला बटालियन, एंटी रोमियो स्क्वॉड जैसे कई कदम उठाए हैं. राज्य के 246 पुलिस थानों में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ की घटनाओं की रोकथाम के लिए 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट सक्रिय हैं. साथ ही 2 हजार नए कांस्टेबल पदों का सृजन भी किया गया है.
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