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“कांग्रेस के UAPA-प्रेम की वजह से हजारों मासूम मुसलमानों की ज़िंदगियां बर्बाद हुईं”- गहलोत सरकार पर भड़के ओवैसी

Jaipur Blast Case: जयपुर में 13 मई 2008 को सिलसिलेवार आठ बम धमाकों में 71 लोगों की मौत हुई थी और 185 लोग घायल हो गए थे. 

asaduddin owaisi

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फोटो- ANI)

Jaipur Blast: जयपुर ब्लास्ट केस में सजा पाए 4 दोषियों के हाई कोर्ट से बरी हो जाने के बाद राजस्थान की गहलोत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि इस केस में हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी करने में विफल रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय किया है. वहीं सीएम के इस ट्वीट पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पार्टी की सरकार पर जमकर हमला बोला.

ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, “हाईकोर्ट ने जयपुर ब्लास्ट केस में ATS के अधिकारी पर गंभीर सवाल उठाए थे. अदालत ने कहा कि कई सुबूत जाली दिखाई देते हैं, जांच अधिकारी के ख़िलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. गहलोत सरकार जांच करने के बजाए अपील करना चाहती है.

कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “कांग्रेस के UAPA-प्रेम की वजह से न जाने कितने ही हज़ारों मासूम मुसलमानों की ज़िंदगियां बर्बाद हुई हैं. कुछ महीने पहले राजस्थान में हिंदुत्ववादियों ने जुनैद-नासिर की नृशंस हत्या कर दी थी,अब तक सिर्फ एक ही आरोपी पकड़ा गया.”

एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि ख़्वाजा अजमेर दरगाह बम ब्लास्ट में जिन दोषियों को बरी किया गया था उस फैसले के ख़िलाफ मोदी सरकार ने अपील नहीं किया. तब गहलोत सरकार चुप क्यों थी? इससे तो आपको अंदाज़ा हो गया होगा कि कांग्रेस का दिल किस के लिए धड़कता है.

ओवैसी ने पूछा कि कहां हैं वे लोग जो जयपुर में सेमिनार करके ‘मोहब्बत की दुकान’ लगा रहे थे? उनका स्टैंड क्या है? बता दें कि राजस्थान की हाई कोर्ट ने जयपुर ब्लास्ट मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया था. चारों आरोपियों को विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.

71 लोगों की हुई थी मौत

राजस्थान की विशेष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को इस मामले में आरोपी मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सलमान और सैफुर्रहमान को दोषी माना जबकि शाहबाज हुसैन को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया था. राज्य सरकार ने शाहबाज हुसैन को बरी किए जाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. वहीं, चारों ने सजा के खिलाफ अपील दायर की थी. जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस समीर जैन की पीठ ने बुधवार को चारों को बरी करने का फैसला सुनाया. बता दें कि जयपुर में 13 मई 2008 को सिलसिलेवार आठ बम धमाकों में 71 लोगों की मौत हुई थी और 185 लोग घायल हो गए थे.

-भारत एक्सप्रेस



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