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राम मंदिर को मिला पहला CEO! कई IPS-IAS को पछाड़ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली कमान, जानिए कितनी होगी सैलरी?

Jitendra Mishra Ayodhya Ram Mandir CEO: अयोध्या राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किया है.

Air Marshal Jitendra Mishra becomes the first CEO.

AI जनरेटेड फोटो

Jitendra Mishra Ayodhya Ram Mandir CEO: अयोध्या के भव्य राम मंदिर परिसर का प्रशासनिक ढांचा अब पूरी तरह से बदलने जा रहा है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के दैनिक संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर दी है. इस जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को सौंपी गई है.

CEO पद की दौड़ में थे कई नाम

इस पद के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में थे. उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय, बिहार के पूर्व डीजीपी डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व आईएएस दिनेश चंद्र भी इस रेस में शामिल थे. लेकिन अंततः ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा को चुना.

वेतन और सुविधाओं का पैकेज

ट्रस्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि CEO का वेतन और भत्ते आपसी सहमति से तय होंगे. अधिकारी के अनुभव और योग्यता के आधार पर मासिक वेतन निर्धारित किया जाएगा. नियुक्ति तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर होगी. इस दौरान उन्हें आवास, सरकारी वाहन, सुरक्षा और अन्य वीआईपी सुविधाएं ट्रस्ट फंड से उपलब्ध कराई जाएंगी.

CEO की जिम्मेदारियां

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए CEO की भूमिका बेहद अहम होगी. उनका काम मंदिर का दैनिक प्रशासन संभालना, विभागों के बीच तालमेल बनाना, कर्मचारियों की निगरानी करना और देश-विदेश से आने वाले भक्तों के लिए सुविधाओं को बेहतर करना होगा. साथ ही ट्रस्ट अपने प्रशासनिक नियमों और डीड में बदलाव कर रहा है, जिन्हें लागू करने की जिम्मेदारी भी CEO पर होगी.

वायुसेना में लंबा करियर

जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारी रहे हैं. वह एयर मार्शल के पद से रिटायर हुए और वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं. उन्होंने 1986 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन लिया था और लगभग चार दशक तक सेवा दी.

39 साल की सेवा और अनुभव

दिसंबर 1986 में लड़ाकू पायलट के रूप में कमीशन मिलने के बाद मिश्रा ने 39 साल तक वायुसेना में काम किया. उन्होंने फाइटर पायलट, टेस्ट पायलट, ट्रेनिंग और रणनीतिक योजना जैसे कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई. उनके पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है और उन्होंने 18 से ज्यादा प्रकार के विमान और हेलिकॉप्टर उड़ाए हैं.

ये भी पढ़ें-टाइगर हिल से राम मंदिर तक… कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, जिनके हाथों में आई अयोध्या की कमान?

अपने करियर में मिश्रा ने कई पुरस्कार हासिल किए. ऑपरेशन सिन्दूर में उनकी भूमिका के लिए उन्हें 2025 में सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक मिला. इसके अलावा 2024 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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