एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ
Jitendra Mishra Ram Mandir CEO: अयोध्या के राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को संगठन का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है. मिश्रा इसी साल अप्रैल में वायुसेना से रिटायर हुए थे और अब उन्हें मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
कारगिल युद्ध में निभाई अहम भूमिका
जितेंद्र मिश्रा का नाम भारतीय वायुसेना के उन अधिकारियों में शामिल है जिन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल पर कब्जा जमाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. वह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बनकटा गांव के रहने वाले हैं और 1986 में वायुसेना में शामिल हुए थे.
चार दशक का सैन्य करियर
मिश्रा ने करीब 39 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा दी. उन्हें दिसंबर 1986 में लड़ाकू पायलट के रूप में कमीशन मिला था. अपने लंबे करियर में उन्होंने फाइटर पायलट, टेस्ट पायलट, ट्रेनिंग और रणनीतिक योजना जैसे कई अहम पदों पर काम किया. उनके पास 3,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है और उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर उड़ाए हैं.
वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख रहे
सेवा के दौरान मिश्रा भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रहे. उन्होंने 2025 में इस पद पर रहते हुए कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. उनकी नियुक्ति को ट्रस्ट में पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
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अपने करियर में मिश्रा ने कई पुरस्कार हासिल किए. उन्हें 2025 में ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक मिला. इसके अलावा 2024 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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