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जेएनयू विवाद पर भड़के कल्कि धाम के पीठाधीश्वर! नारेबाजी करने वाले छात्रों को बताया गद्दार

Acharya Pramod Krishnam: JNU में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक बार फिर भड़काऊ नारे लगाए गए. जिसपर कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी.

Acharya Pramod Krishnam

Acharya Pramod Krishnam: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक बार फिर भड़काऊ नारे लगाए गए. जिसपर कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने नारा लगाने वाले छात्रों को गद्दार करार दिया. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर कहा,

“जिनकी “ख़ुद” की “कब्र” खुदी पड़ी है, वो मोदी की कब्र खोदने का “ख़्वाब” देख रहे हैं, ग़द्दार कहीं के.”

क्या है मामला?

साल 2020 के भड़काऊ भाषण देने के मामले में गिरफ्तार जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका SC ने खारिज कर दी. जिसको लेकर जेएनयू में लेफ्ट विंग के छात्रों ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में कथित तौर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए गए. मामला सामने आने के बाद राजनीति गलियारों में हलचल मच गई.

जेएनयू प्रशासन ने क्या कहा?

इस मामले में JNU प्रशासन ने पुलिस को शिकायत भी दी है. शिकायत के मुताबिक, 30 से 35 छात्रों ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद कथित तौर पर उकसाने वाले नारे लगाए, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के दायरे में माना जा रहा है. इन नारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां शामिल हैं.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि, “लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा, गैरकानूनी आचरण या राष्ट्रविरोधी गतिविधि को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

इस घटना में शामिल छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें तत्काल निलंबन, निष्कासन और विश्वविद्यालय से स्थायी रूप से प्रतिबंधित करना शामिल है.

उन्होंने आगे लिखा कि, “विश्वविद्यालय नवाचार और नए विचारों के केंद्र हैं, और इन्हें घृणा की प्रयोगशालाओं में परिवर्तित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती. बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है.”

छात्रों को किया जा सकता है निलंबित

बता दें कि जेएनयू कैंपस में विवादित नारे लगाने का मामले ने तूल पकड़ लिया है. विवादित नारे लगाने में शामिल छात्रों के खिलाफ JNU प्रशासन कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी में है. दोषी छात्रों को तत्काल निलंबन का सामना करना पड़ सकता है. गंभीर मामलों में विश्वविद्यालय से निष्कासन की कार्रवाई हो सकती है. संबंधित छात्रों को विश्वविद्यालय से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है.

-भारत एक्सप्रेस



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