कर्मभूमि एक्सप्रेस में लगी भीषण आग
पंजाब के पटियाला जिले में एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब कर्मभूमि एक्सप्रेस के कुछ डिब्बों में अचानक आग लग गई. यह ट्रेन अमृतसर से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी की ओर जा रही थी. घटना सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के नजदीक हुई. ट्रेन में सवार 1,500 से अधिक यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई.
तीन कोच बुरी तरह जले, चौथे को भी नुकसान
आग इतनी तेजी से फैली कि ट्रेन के तीन कोच गंभीर रूप से प्रभावित हो गए. वहीं चौथे डिब्बे को भी आंशिक नुकसान पहुंचा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में आग केवल एक कोच में लगी थी, लेकिन तेज हवा के कारण लपटें दूसरे डिब्बों तक पहुंच गईं.
धुएं का गुबार देख मची अफरा-तफरी
घटना के दौरान इलाके में मौजूद लोगों और यात्रियों ने बताया कि आग लगने के साथ ही आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा. हालात बिगड़ते देख यात्रियों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि सभी लोग तेजी से कोच से बाहर निकलने में सफल रहे और किसी को गंभीर चोट नहीं आई.
चालक और गार्ड की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही लोको पायलट और गार्ड को धुआं और आग दिखाई दी, उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी. त्वरित कार्रवाई की वजह से स्थिति और ज्यादा खतरनाक नहीं हो सकी. अधिकारियों का कहना है कि समय पर लिया गया यह फैसला सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बेहद अहम साबित हुआ.
आग फैलने से रोकने के लिए डिब्बे किए अलग
हादसे के बाद रेलवे कर्मचारियों और ट्रेन क्रू ने तत्काल प्रभावित कोचों को ट्रेन के बाकी हिस्से से अलग कर दिया. इस प्रक्रिया से आग को आगे फैलने से रोकने में मदद मिली. रेलवे का मानना है कि यदि यह कदम समय पर नहीं उठाया जाता तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था.
बिजली आपूर्ति भी तुरंत बंद की गई
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ओवरहेड इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट (OHE) की दोनों लाइनों की बिजली भी तत्काल बंद करा दी. इससे किसी भी तरह के बिजली संबंधी खतरे की आशंका खत्म हो गई. इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग को भी तुरंत सूचना भेजी गई ताकि राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके.
यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
ऑटोमेटेड सुरक्षा प्रणाली सक्रिय होने और राहत टीमों के पहुंचने के बाद यात्रियों को प्रभावित डिब्बों से बाहर निकाला गया. लोग पटरियों की ओर उतरकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है.
कंट्रोल रूम को भेजा गया तत्काल अलर्ट
घटना के बाद ट्रेन गार्ड ने कंट्रोल रूम से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की. इसके बाद आसपास के रेलवे ट्रैफिक को नियंत्रित किया गया ताकि किसी अन्य ट्रेन पर इसका असर न पड़े और दूसरा कोई हादसा न हो.
रेलवे अधिकारियों ने दी जानकारी
अंबाला मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) विनोद कुमार भाटिया ने बताया कि आग पहले एक डिब्बे में लगी थी, लेकिन तेज हवाओं की वजह से कुल चार कोच प्रभावित हो गए. वहीं नॉर्दर्न रेलवे के अंबाला मंडल के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैने जर यशंजीत सिंह ने कहा कि तीन जनरल कोच सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जबकि चौथे डिब्बे को सीमित नुकसान पहुंचा है.
यात्रियों के लिए किया गया वैकल्पिक इंतजाम
रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह एक अनारक्षित ट्रेन थी. प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे वैकल्पिक प्रबंध किए गए. अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि यात्रियों को आगे की यात्रा में परेशानी न हो.
आग लगने की वजह का होगा पता
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आग किस कारण से लगी, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं. प्राथमिकता फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने पर है. रेलवे ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आ सकेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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