Karnataka Congress Politics: कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. सत्तारूढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरुनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. गुरुवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच जुबानी जंग तेज हो गई.
शिवकुमार का एक्स पोस्ट
सबसे पहले शिवकुमार ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट डालकर पार्टी आलाकमान को उस कथित वादे की याद दिलाई जिसमें कहा गया था कि सरकार के 5 साल के कार्यकाल में 2.5 साल बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. कांग्रेस सरकार ने हाल ही में अपने शुरुआती 2.5 साल पूरे किए हैं. शिवकुमार ने लिखा,
“शब्दों की ताकत ही दुनिया की असली ताकत है. हर किसी को अपने वादे निभाने चाहिए.”
हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कभी भी ऐसा कोई फॉर्मूला स्वीकार नहीं किया है लेकिन शिवकुमार के समर्थक लगातार इस दावे को दोहराते रहे हैं. खुद शिवकुमार ने भी इस पर साफ-साफ कुछ नहीं कहा.
ಕೊಟ್ಟ ಮಾತು ಉಳಿಸಿಕೊಳ್ಳುವುದೇ ವಿಶ್ವದಲ್ಲಿರುವ ದೊಡ್ಡ ಶಕ್ತಿ! pic.twitter.com/klregNRUtv
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) November 27, 2025
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का पलटवार
शिवकुमार के बयान के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जनता का जनमत पूरे 5 साल के लिए होता है, न कि कुछ महीनों के लिए. उन्होंने अपने कामों की लिस्ट साझा की और साफ किया कि वह पद छोड़ने के मूड में नहीं हैं. सिद्धारमैया ने लिखा
“एक शब्द तभी ताकत बनता है जब वह लोगों की जिंदगी बेहतर करे. कर्नाटक के लोगों के लिए हमारा शब्द कोई नारा नहीं, बल्कि हमारी दुनिया है.”
कांग्रेस अध्यक्ष ने क्या कहा?
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि इस मुद्दे पर दिल्ली में बैठक होगी जिसमें राहुल गांधी, सिद्धारमैया और शिवकुमार समेत वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. उन्होंने साफ किया कि फैसला पार्टी आलाकमान ही करेगा.
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यहां भी हो चुका है विवाद?
कर्नाटक से पहले राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस सरकारों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर विवाद हुआ था. राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट आमने-सामने थे, जबकि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव के बीच खींचतान रही. दोनों राज्यों में कांग्रेस ने अंततः चुनाव हार का सामना किया.
कर्नाटक में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आलाकमान इस खींचतान को कैसे सुलझाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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