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Karnataka: कौन होगा कर्नाटक का CM ? आज हो जाएगा फैसला! मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने दिल्ली पहुंचे सिद्धारमैया

Karnataka CM: कर्नाटक में शानदार जीत के बाद कांग्रेस अभी भी सीएम पद को लेकर मुश्किल में फंसी हुई है. डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच दांव अभी भी फंसा हुआ है कि कौन प्रदेश का मुख्यमंत्री बनेगा ? सोमवार (15 मई) को भी मुख्यमंत्री (Chief Minister) के नाम को लेकर मंथन होता रहा, लेकिन समाधान नहीं निकला. वहीं आज भी दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर शाम को मीटिंग बुलाई गयी है, जिसके बाद माना जा रहा है कि आज शाम तक कांग्रेस कर्नाटक के लोगों के लिए सीएम के नाम का ऐलान कर सकती है.

बता दें कि सीएम के मंथन के लिए प्रदेश के पूर्व सीएम सिद्धारमैया कांग्रेस आलाकमान से बातचीत करने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. वहीं डीके शिवकुमार ने अपने स्वास्थय का हवाला देकर दिल्ली का दौरा रद्द कर दिया था. हालांकि आज उनके भी दिल्ली पहुंचने की संभावनाएं हैं.

सिद्धारमैया बन सकते हैं पार्टी के नए सीएम

इस बीच कांग्रेस के सूत्रों ने बताया है कि सिद्धारमैया को शिवकुमार से दोगुना विधायकों का समर्थन प्राप्त है और सिद्धारमैया ही फिर सीएम बन सकते हैं. डी के शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. साथ ही उनके पास राज्य कांग्रेस की कमान रहेगी. हालांकि, कांग्रेस पहले शिवकुमार से बात करेगी और फिर अंतिम घोषणा करेगी. डीके के दिल्ली दौरा रद्द करने पर उनके भाई और पार्टी सांसद डी.के. सुरेश राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और कहा कि वह चाहते हैं कि उनका भाई मुख्यमंत्री बने. देर शाम राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे सुरेश खड़गे के आवास पर आए. खड़गे से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, “मैं चाहता हूं कि मेरा भाई मुख्यमंत्री बने.”

तीनों पर्यवेक्षकों ने भेज दी पार्टी को रिपोर्ट

इससे पहले दिन में कांग्रेस के तीन केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सोमवार शाम यहां खड़गे से उनके आवास पर मुलाकात की और कर्नाटक में सरकार गठन पर विचार-विमर्श किया. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे, महासचिव जितेंद्र सिंह और पार्टी नेता दीपक बाबरिया ने खड़गे से उनके आवास पर पार्टी महासचिव संगठन के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं. शिंदे, सिंह और बावरिया को रविवार दोपहर खड़गे द्वारा कर्नाटक सीएलपी बैठक के लिए पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त किया गया था. रविवार शाम राज्य में पार्टी विधायकों के साथ चर्चा करने के बाद पर्यवेक्षक सोमवार दोपहर बेंगलुरु से लौट आए थे.

– भारत एक्सप्रेस

Rahul Singh

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