BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने लगी प्लेट पर एक बार फिर INDIA की जगह BHARAT लिखा दिखाई दिया (इमेज-https://x.com/narendramodi)
PM Modi: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने लगी प्लेट पर एक बार फिर INDIA की जगह BHARAT लिखा दिखाई दिया. इससे पहले साल 2023 में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्लेट पर BHARAT लिखा था, जिसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी बहस छेड़ दी थी.
अब ब्रिक्स सम्मेलन में दोबारा से ‘BHARAT’ शब्द का इस्तेमाल, यह मजबूत संदेश दे रहा है कि भारत सरकार वैश्विक मंचों से देश की हजारों साल पुरानी सभ्यतागत पहचान को प्रमुखता देने की रणनीति पर लगातार आगे बढ़ रही है.
प्राचीन सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत की तरफ बढ़ते कदम
विश्लेषकों के मुताबिक वैश्विक मंचों पर ‘BHARAT’ शब्द का इस्तेमाल केवल नाम का मामला नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार इसके तहत भारत की वैश्विक ब्रांडिक और पहचान से जुड़ा संदेश दे रही है. सरकार का मानना है कि ‘भारत’ देश की प्राचीन सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि इंडिया शब्द औपनिवेशिक काल से जुड़ा नाम है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G20 और BRICS जैसे वैश्विक मंचों से दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि अब भारत अपनी मूल पहचान को अधिक प्रमुखता देना चाहता है.
Sharing my concluding remarks during the BRICS Summit. pic.twitter.com/PNkEBxAD3O
— Narendra Modi (@narendramodi) September 12, 2026
भारतीय संविधान में लिखा है India…Is Bharat
गौरतलब है कि साल 2023 में विदेशी मेहमानों के लिए तैयार की गई G20 पुस्तिका में भी INDIA की जगह BHARAT लिखा गया था. जिसका शीर्षक था, भारत, लोकतंत्र की जननी. इस पुस्तिका में आगे लिखा था, भारत देश का आधिकारिक नाम है. जिसका उल्लेख संविधान में भी किया गया है.
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में स्पष्ट रूप से लिखा है, ‘India, that is Bharat, shall be a Union of States’ यानी INDIA और BHARAT दोनों ही संवैधानिक रूप से मान्य नाम हैं. इसलिए भारत सरकार लगातार वैश्विक मंचों पर ‘BHARAT’ नाम का उपयोग कर रही है.
कई अन्य देश भी अपने मूल नाम की तरफ लौट रहे
वैश्विक मंचों पर INDIA की जगह BHARAT नाम का इस्तेमाल भारत की सॉफ्ट पावर रणनीति का हिस्सा है. हाल के सालों में दुनिया के कई अन्य देश भी अपने प्राचीन नामों की तरफ लौटे हैं. तुर्की का तुर्किये तरफ सफर इसका प्रमुख उदाहरण है. इसी तरह भारत सरकार की तरफ से ‘BHARAT’ शब्द का इस्तेमाल देश क ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक विमर्श में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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BRICS में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा नेमप्लेट पर ‘BHARAT’ शब्द का इस्तेमाल भारत की पहचान और उसकी संस्कृति को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के नजरिये से देखा जा रहा है. पीएम मोदी हमेशा से देशवासियों को स्वदेशी और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की अपील करते रहे हैं. ऐसे में ब्रिक्स सम्मेलन में भारत शब्द का इस्तेमाल पीएम मोदी की रणनीति है.
-भारत एक्सप्रेस
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