लखनऊ में सामने आया डॉक्टर रमीज उर्फ रमीजुद्दीन से जुड़ा मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. इस मामले में पीड़िता ने आरोपी और उसके परिवार पर ऐसे कई आरोप लगाए हैं, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को और भी चौंकाने वाला बना दिया है. पुलिस पूछताछ में भी आरोपी के व्यवहार, युवतियों के निजी वीडियो और कथित तौर पर उनका इस्तेमाल करने को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं.
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी लड़कियों को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखा करता था. वह युवतियों को यह कहकर भरोसा दिलाता था कि उसने पत्र अपने ही खून से लिखा है. इस तरह वह खुद को बेहद भावुक और प्रेम के प्रति समर्पित दिखाने की कोशिश करता था.
मामले में सामने आई पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, यह पूरा सिलसिला मेडिकल की पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ था. उसने साल 2011 से लेकर 2025 तक अलग-अलग जगहों पर शोषण, धमकी, मारपीट और शादी का झांसा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.
दिवाली की बधाई से शुरू हुई बातचीत, फिर बढ़ती गई नजदीकी
पीड़िता के बयान के अनुसार, साल 2011 में दिवाली के दिन रमीज ने पहली बार उसे फोन करके शुभकामनाएं दी थीं. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी और धीरे-धीरे नजदीकियां भी बढ़ गईं.
दिसंबर 2012 में आरोपी ने उसे आगरा के साबुन कटरा स्थित अपने फ्लैट पर डांस प्रैक्टिस के बहाने बुलाया. पीड़िता का आरोप है कि वहां उसे नशीला पदार्थ मिला पेय दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई. इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की. बाद में उसने मैसेज के जरिए अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी.
पीड़िता का दावा है कि कुछ समय बाद रमीज ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया और रिश्ते को आगे बढ़ाने की बात कही. 11 दिसंबर 2012 को उसे दोबारा फ्लैट पर बुलाया गया, जहां उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला गया. उसे आशंका है कि इसी दौरान उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए गए थे.
उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी संबंध बनाने के बाद कंडोम और शराब की बोतल जैसी चीजें उसके बैग में रख देता था. जब उसके पिता को इस बारे में पता चला तो उन्होंने विरोध किया. हालांकि, पीड़िता के मुताबिक तब तक वह आरोपी और उसके कुछ दोस्तों के प्रभाव में आ चुकी थी.
परिवार से दूरी बनाने और निजी जिंदगी पर नियंत्रण के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि रमीज और उसके कुछ दोस्त धीरे-धीरे उसे अपने परिवार से दूर करने की कोशिश करते थे. बातचीत के दौरान धर्म को लेकर भी ऐसी बातें कही जाती थीं, जिनसे उसके मन में अपने माता-पिता के प्रति दूरी पैदा होने लगी.
साल 2013-14 के दौरान आरोपी की मां खतीजा ने भी उससे संपर्क किया. पीड़िता के अनुसार, उन्होंने उसे मिलने के लिए होटल बुलाया और खुद को आधुनिक विचारों वाला बताते हुए उसकी पसंद और आजादी की बातें कीं. साथ ही उसे रात में फोन करने के लिए कहा जाता था.
पीड़िता का आरोप है कि अगर फोन करने में देरी हो जाती या वह किसी वजह से बात नहीं कर पाती तो रमीज गाली-गलौज और मारपीट करता था.
एम्स के कॉलेज फेस्टिवल में भी जबरदस्ती का आरोप
पीड़िता ने साल 2014 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि दिल्ली स्थित एम्स के कॉलेज फेस्टिवल के दौरान रमीज ने उसके लिए एक कमरा बुक कराया था. आरोप है कि वहां खाने या सिगरेट में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया. इसके बाद वह अर्धचेतन अवस्था में पहुंच गई और आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए.
पीड़िता का दावा है कि साल 2012 से 2025 तक अलग-अलग शहरों और जगहों पर उसका शोषण किया गया. हर बार शादी का भरोसा देकर उसे चुप करा दिया जाता था.
उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो अपने दोस्तों को दिखाता था. पुलिस पूछताछ से जुड़ी जानकारी में भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर युवतियों के निजी वीडियो अपने मोबाइल में सुरक्षित रखता था और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल करता था.
गर्भवती होने पर शादी से इनकार और गर्भपात का दबाव
पीड़िता के बयान में साल 2016 की एक और गंभीर घटना सामने आई है. उसके मुताबिक, उस साल वह गर्भवती हो गई थी. जब उसने रमीज से शादी करने की बात कही तो उसने कथित तौर पर शादी से इनकार कर दिया और गर्भपात कराने का दबाव बनाया.
पीड़िता का आरोप है कि उसे आगरा के खंदारी इलाके में स्थित एक क्लीनिक ले जाया गया. वहां जांच के बाद उसे गर्भपात की दवाइयां दी गईं. दवा लेने के तीसरे दिन उसे तेज दर्द हुआ और कमरे में ही गर्भपात हो गया.
इसके बाद साल 2017 से 2019 के बीच उसने आरोपी से दूरी बनाने की कोशिश की. इसी दौरान उसके पिता ने उसकी शादी के लिए रिश्ते तलाशने शुरू किए. लेकिन पीड़िता का आरोप है कि रमीज ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो संभावित दूल्हों तक पहुंचाने शुरू कर दिए.
इस वजह से कई रिश्ते टूट गए. पीड़िता ने अपने बयान में पांच से सात रिश्ते खराब करवाने का आरोप लगाया है. वहीं, पुलिस पूछताछ से जुड़ी जानकारी में एक युवती के करीब चार रिश्ते तुड़वाने की बात भी सामने आई है.
लखनऊ आने के बाद भी नहीं थमा विवाद
पीड़िता के मुताबिक, साल 2023 में रमीज के कहने पर वह लखनऊ आ गई थी. अक्टूबर 2023 में आरोपी के माता-पिता ने दोनों को एक ही फ्लैट में रहने की सलाह दी. इसके बाद वह रमीज के साथ रहने लगी.
हालांकि, उसका आरोप है कि लखनऊ आने के बाद भी उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए जाते रहे. जब उसने आरोपी के माता-पिता से इसकी शिकायत की तो उन्होंने उसका साथ देने के बजाय उसे ही सब कुछ सहने की सलाह दी.
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि रमीज के माता-पिता उससे घर के सारे काम करवाते थे. खाना बनाने से लेकर सफाई और यहां तक कि टॉयलेट साफ करने तक की जिम्मेदारी उस पर डाल दी गई थी. विरोध करने पर कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी.
साल 2024 में उसे पता चला कि रमीज के केजीएमयू में पढ़ने वाली दूसरी लड़कियों से भी संबंध हैं. इस बात को लेकर विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई. पीड़िता का आरोप है कि उसे जमीन पर गिराकर घसीटा गया और दीवार में सिर मार दिया गया, जिससे वह बेहोश हो गई. यह घटना जून-जुलाई 2025 के आसपास की बताई गई है.
धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाने का आरोप
इस मामले में धर्म परिवर्तन को लेकर लगाए गए आरोप भी काफी गंभीर हैं. पीड़िता के मुताबिक, साल 2024 में होली से करीब एक सप्ताह पहले रमीज के माता-पिता ने उससे कहा कि हिंदू-मुस्लिम शादी संभव नहीं है. अगर वह मुस्लिम धर्म अपना लेती है, तभी परिवार उसे स्वीकार करेगा.
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जनवरी 2025 में भी उस पर धर्म परिवर्तन करने और निकाह के लिए दबाव बनाया गया. जब उसने इसका विरोध किया तो उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो उसके माता-पिता को दिखाए गए. इसके बाद बदनामी का डर दिखाकर रमीज से निकाह करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई.
उसने आरोपी की मां खतीजा और पिता सलीमुद्दीन पर फोन करके धमकाने के आरोप भी लगाए हैं.
कमरे में काजी बुलाकर तीन बार कहलवाया ‘कबूल है’
पीड़िता के बयान में फरवरी महीने की एक कथित घटना का भी जिक्र है. उसके मुताबिक, उसे अपने माता-पिता के साथ निकाह के लिए ले जाया गया था. वहां एक कमरे में काजी पहले से मौजूद था.
पीड़िता का दावा है कि उसे और उसके पिता को एक छोटे कमरे में बंद कर दिया गया. इसके बाद काजी ने कुछ धार्मिक प्रक्रिया कराई और उससे तीन बार ‘कबूल है’ कहलवाया. आरोप है कि निकाहनामा पहले से तैयार था और उस पर पीड़िता तथा उसके पिता के हस्ताक्षर भी कराए गए.
पीड़िता के पिता इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाना चाहते थे, लेकिन कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन ले लिया गया और रिकॉर्डिंग नहीं करने दी गई. पीड़िता का कहना है कि बाद में उसने रमीज के मोबाइल से निकाहनामे की तस्वीर खींच ली थी.
उसने आगे आरोप लगाया कि निकाह के बाद उस पर मुस्लिम पहचान अपनाने और घर से बाहर निकलते समय बुर्का पहनने का दबाव बनाया जाने लगा. पीलीभीत और खटीमा जाने के दौरान भी उसे बुर्का पहनने के लिए कहा जाता था.
पीड़िता के मुताबिक, वह शाकाहारी है, लेकिन उस पर मांसाहारी खाना खाने का दबाव भी बनाया जाता था. इतना ही नहीं, नौकरी करने पर अपनी पूरी तनख्वाह परिवार को देने की बात भी कही जाती थी.
निजी वीडियो को हथियार बनाने का भी आरोप
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलुओं में से एक निजी वीडियो के कथित इस्तेमाल का है. पुलिस पूछताछ से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवतियों के निजी वीडियो रिकॉर्ड करके अपने मोबाइल में रखता था. आरोप है कि जब किसी युवती की शादी तय होने वाली होती थी तो वह उसके होने वाले पति को वीडियो भेज देता था, जिससे रिश्ता टूट जाए.
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