इंदौर समेत पूरे MP में सफाई कर्मियों का काम बंद
Madhya Pradesh Sanitation Workers Strike: जय व्यास: सालों तक देश में सबसे स्वच्छ शहर का तमगा लिए इंदौर में अब साफ-सफाई पर ग्रहण लग सकता है. सफाई कर्मचारियों ने इंदौर सहित पूरे मध्यप्रदेश में सोमवार से काम बंद की हड़ताल शुरू कर दी है. सफाई कर्मी पिछले 23 सालों से स्थाई करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई अमल नहीं किया जा रहा. इसके अलावा सफाई कर्मचारी NGO और आउटसोर्सिंग का भी विरोध कर रहे हैं.
सोमवार को इंदौर में सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दिया. हाथ में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की फोटो और अपनी मांगों की तख्तियां लेकर इंदौर के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए. सफाई कर्मियों का यह हड़ताल पूरे मध्य प्रदेश में चल रही है. यहां तक की डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ियों ने भी आज घरों से कचरा नहीं उठाया.
क्या है सफाई कर्मियों की मांग
सफाई कर्मियों का कहना है कि वो पिछले 23 साल से स्थाई करने की मांग कर रहे हैं. ना तो उनका वेतन बढ़ा है और ना ही उन्हें किसी प्रकार की सुविधा मिल रही है. उनका कहना है कि महंगाई के जमाने में 10 हजार 500 रुपए महीने में, घर चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है. कई तरह के आंदोलन के बाद भी सरकार उनकी और ध्यान नहीं दे रही है. इस कारण उन्हें हड़ताल करनी पड़ी.
मध्य प्रदेश के सफाई कर्मचारियों की काम बंद हड़ताल को 40 से ज्यादा यूनियन का समर्थन प्राप्त है. यूनियन पदाधिकारी का कहना है कि इंदौर नगर निगम से प्रस्ताव प्रदेश सरकार तक पहुंचा है, लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उनका दावा है कि आज 90% सफाई कर्मी काम पर नहीं गए जो 10% सफाई कर्मी काम कर रहे हैं, उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी. लेकिन मंगलवार से सभी सफाई कर्मी काम बंद हड़ताल पर रहेंगे.
हमारी समस्याओं की तरफ नहीं है ध्यान- सफाई कर्मचारी
वाल्मीकि सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कल्याणे ने कहा कि जिन सफाई कर्मियों की हाड़ तोड़ मेहनत से इंदौर को स्वच्छता में पिछले आठ बार से लगातार नंबर वन पर रहने का सौभाग्य मिल रहा है, उनकी समस्याओं की ओर किसी का ध्यान नहीं है.
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उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की 5 दिन की काम बंद हड़ताल का आज पहला दिन है. कुछ ही दिनों में इसका असर आम आदमी और शहर पर दिखाई देने लग जाएगा. उम्मीद की जानी चाहिए, कि नगर निगम और राज्य सरकार कोई बीच का रास्ता निकाल कर, हड़ताल खत्म करवाएंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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