तमिलनाडु के मदुरै के एक छोटे कारोबारी नेशनलम मणि को उस वक्त सुखद आश्चर्य हुआ जब उन्हें सीधे PMO से एक पत्र प्राप्त हुआ. केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए चलाई जा रही आसान लोन योजनाओं की मदद से अपना कारोबार चलाने वाले मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक धन्यवाद पत्र लिखा था.
नेशनलम मणि ने भावुक होते हुए कहा-
“देश के प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रशंसा और जवाबी पत्र मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. यह पत्र मेरे जीवन की सबसे अनमोल धरोहर है, जिसे मैं जीवनभर नहीं भूलूंगा.”
10 हजार रुपये के पहले लोन से ऐसे बदली जिंदगी
नेशनलम मणि ने बताया कि उनके पिता ने वर्ष 1962 में इस छोटी दुकान की शुरुआत की थी. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शून्य शेष राशि (Zero Balance) वाले बैंक खाते खोलने की योजना शुरू की, तब वह बैंक गए थे. वहीं उन्हें छोटे कारोबारियों के लिए उपलब्ध रियायती लोन योजनाओं की जानकारी मिली.
लोन की यात्रा: मणि ने सबसे पहले 10,000 रुपये का लोन लिया और समय पर चुका दिया. इसके बाद उन्हें 20,000 रुपये का दूसरा लोन मिला, जिसका भी उन्होंने निष्ठापूर्वक भुगतान किया. फिर 50,000 रुपये का तीसरा लोन चुकाने के बाद, हाल ही में केनरा बैंक के माध्यम से उन्हें 50,000 रुपये का चौथा लोन स्वीकृत हुआ, जिसकी किस्तें वे वर्तमान में नियमित रूप से चुका रहे हैं.
नेशनलम मणि के अनुसार, कम ब्याज दर पर समय पर मिले इस लोन ने उनके परिवार को आर्थिक संकट से उबारने और व्यवसाय को सुचारु रूप से चलाने में जीवनदान जैसा काम किया.
अखबार में इंटरव्यू पढ़कर भेजा था धन्यवाद पत्र
मणि ने बताया कि एक दिन अखबार में प्रधानमंत्री का साक्षात्कार पढ़कर उन्होंने उन्हें धन्यवाद देने का फैसला किया. दुकान पर आए एक ग्राहक की मदद से उन्होंने अंग्रेजी में धन्यवाद पत्र तैयार करवाया और दिल्ली भेज दिया.
पत्र मिलने के बाद दिल्ली में अधिकारियों ने उनसे फोन पर बातचीत की और लगभग 15 दिनों के भीतर कूरियर के जरिए पीएमओ का जवाबी पत्र उनके पास पहुंच गया. मणि ने देश भर के सभी छोटे कारोबारियों से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं के नियमों का ईमानदारी से पालन करें ताकि यह योजना अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंच सके.
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