पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. महुआ मोइत्रा का आरोप है कि कृष्णनगर सर्किट हाउस में ठहरने के दौरान जिला प्रशासन की ओर से उन्हें देर रात कमरा खाली करने के लिए बार-बार फोन और मैसेज किया गया. सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और कहा कि जिस समय उनसे कमरा खाली करने को कहा जा रहा था, उस वक्त सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा थे.
इस मामले पर अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाया है. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को टैग करते हुए पूछा कि क्या किसी सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार उसके विशेषाधिकार का उल्लंघन माना जाएगा.
अखिलेश यादव ने लोकसभा स्पीकर से मांगा जवाब
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि लोकसभा अध्यक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह एक सांसद के विशेषाधिकार का हनन है या नहीं. उनका यह बयान महुआ मोइत्रा के उन आरोपों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने जिला प्रशासन पर देर रात सरकारी गेस्ट हाउस से कमरा खाली करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
महुआ मोइत्रा के मुताबिक, उन्हें रात में लगातार फोन और संदेश मिले. उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह एक निर्वाचित सांसद हैं और आधिकारिक काम के सिलसिले में वहां मौजूद हैं, तो आखिर उन्हें अचानक कमरा खाली करने के लिए क्यों कहा जा रहा है.
सर्किट हाउस के बाहर भीड़ जुटने का दावा
महुआ मोइत्रा ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि कृष्णनगर सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा थे और वहां ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए जा रहे थे. सांसद ने आरोप लगाया कि इसी दौरान जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें कमरा खाली करने के लिए बार-बार संपर्क किया जा रहा था.
उन्होंने यह भी कहा कि वह दबाव में पीछे हटने वाली नहीं हैं. महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट से जुड़े अपने पिछले संदर्भ का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें जिस स्थिति का सामना करने के लिए कहा गया था, वह उससे पीछे नहीं हटेंगी.
रात में दो बार कमरा खाली करने को कहा
महुआ मोइत्रा ने एक अन्य पोस्ट में अंतर-संसदीय संघ (IPU) को टैग करते हुए कहा कि वह भारत में एक महिला सांसद हैं और सरकारी गेस्ट हाउस में रहते हुए उन्हें रात 9 बजकर 47 मिनट और फिर रात 10 बजकर 52 मिनट पर कमरा खाली करने के लिए कहा गया.
सांसद ने आरोप लगाया कि उस समय गेस्ट हाउस के गेट के बाहर मौजूद भीड़ का माहौल भी तनावपूर्ण था. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार से जोड़ते हुए सवाल उठाए.
महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष को टैग करते हुए भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह 2029 तक के लिए निर्वाचित सांसद हैं और लोकसभा का सत्र खत्म होने के बाद वह कृष्णनगर सर्किट हाउस में ठहरी हुई थीं. उनके मुताबिक, यह ऐसी सरकारी आवास व्यवस्था है जिसका इस्तेमाल सांसदों के लिए किया जाता है.
महुआ मोइत्रा का कहना है कि स्थानीय प्रशासन की ओर से फोन आने के बाद उनसे जगह खाली कर वहां से चले जाने को कहा गया. सांसद ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को साफ शब्दों में जवाब दिया कि वह कमरा खाली नहीं करेंगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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