पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. सीमा पार से हो रही नशे की तस्करी पर करारा प्रहार करते हुए एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें करीब 19.980 किलो हेरोइन बरामद की गई है. इस कार्रवाई में न सिर्फ नशे की बड़ी खेप पकड़ी गई, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को संभालने वाले चार अहम आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है.
पाकिस्तान से जुड़े थे तार
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे. ये लोग बॉर्डर पार से आने वाली ड्रग कंसाइनमेंट को आगे पहुंचाने, उसकी डिलीवरी कराने और पूरे इलाके में डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और इसके तार कई इलाकों से जुड़े हो सकते हैं.
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस पूरे मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है. जांच एजेंसियां अब सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि उनके पीछे छिपे पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने में जुटी हैं. सप्लाई रूट, सीमा पार संपर्क और फाइनेंशियल लिंक, हर एंगल से जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: पंजाब पुलिस
पंजाब पुलिस के डीजीपी ने साफ शब्दों में कहा है कि राज्य में ड्रग्स के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने दोहराया कि सीमा पार से चल रहे नार्को नेटवर्क को जड़ से खत्म करना पंजाब पुलिस की प्राथमिकता है. इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी और किसी भी सूरत में नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा.
यह कार्रवाई न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को दिखाती है, बल्कि यह भी साफ संकेत देती है कि पंजाब में ड्रग माफिया के लिए अब हालात आसान नहीं रहने वाले. पुलिस और सुरक्षा बलों की सख्ती आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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