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लाठी-डंडे लेकर बॉर्डर पर जमा हुए हजारों बांग्लादेशी घुसपैठिए, इंडियन आर्मी के कड़क तेवर देख ऐसे दुम दबाकर भागे

पश्चिम बंगाल के Malda जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कथित घुसपैठ की कोशिश के दौरान भारी तनाव पैदा हो गया. BSF के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए भीड़ को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई…

भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से इस समय की एक बेहद सनसनीखेज और देश को हिला देने वाली खबर सामने आ रही है. मालदा के बैष्णवनगर इलाके में स्थित सुखदेवपुर सीमा चौकी (BOP) के पास उस समय भारी तनाव फैल गया, जब लाठी-डंडों से लैस करीब 1000 बांग्लादेशी नागरिकों की उग्र भीड़ ने भारतीय सीमा में जबरन घुसपैठ करने की कोशिश की.

हालांकि, बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जांबाज जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए कड़े तेवर दिखाए, जिसके बाद घुसपैठियों को उल्टे पांव वापस बांग्लादेश की तरफ भागना पड़ा.

बिना बाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर बढ़े आगे

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरी घटना बीते 20 जून को उस समय हुई जब बीएसएफ ने कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में घुसे 20 बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़कर वापस सीमा पार भेजा था. इसी बात से बौखलाकर और बिना बाड़ वाले बॉर्डर का फायदा उठाकर बांग्लादेश की तरफ से अचानक लाठियों से लैस सैकड़ों लोग सुखदेवपुर बॉर्डर की तरफ बढ़ने लगे.

स्थानीय ग्रामीण पीयूष मंडल ने बताया कि घुसपैठियों को आता देख सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान तुरंत हाई अलर्ट पर आ गए. जवानों के समर्थन में भारतीय ग्रामीण भी लाठियां लेकर बॉर्डर पर डट गए, जिसे भांपकर भीड़ तितर-बितर हो गई.

सुवेंदु अधिकारी की किस पॉलिसी से मची खलबली?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीमा पर बढ़ी इस बौखलाहट के पीछे पश्चिम बंगाल की नई बीजेपी सरकार का कड़ा रुख है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में घुसपैठियों के खिलाफ “डिलीट, डिटेक्ट और डिपोर्ट” (पहचानो, हटाओ और वापस भेजो) की कड़क नीति का एलान किया है. इसके तहत राज्य में डिटेंशन सेंटर बनाए जा रहे हैं और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए बीएसएफ को 142 एकड़ से ज्यादा जमीन सौंपी जा चुकी है.

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि पिछले महज एक महीने के भीतर 4,800 से ज्यादा अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजा जा चुका है, जिससे सीमा पार के माफियाओं में हड़कंप है.

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राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि, मालदा में हाई अलर्ट जारी

इस मामले पर मालदा उत्तर से बीजेपी लोकसभा सांसद खगेन मुर्मू ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साफ निर्देश हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा. देश की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) बदलने की कोशिश कर रहे इन अवैध घुसपैठियों को हर हाल में वापस भेजा जा रहा है, जिसका विरोध बांग्लादेश की तरफ से किया जा रहा है.

फिलहाल, सुखदेवपुर बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन बीएसएफ के आला अधिकारियों ने पूरे मालदा बॉर्डर पर कड़ा पहरा और गश्त तेज कर दी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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