वंदे मातरम् पर कल (8 दिसंबर) को हुई चर्चा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को ‘बंकिम दा’ कहकर संबोधित किया. इसके बाद बंगाल की राजनीति गर्मा गई. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने प्रधानमंत्री से माफी मांगने तक की मांग कर दी.
क्या है पूरा मामला ?
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर संसद में चर्चा की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने अपना भाषण दिया. इसी दौरान प्रधानमंत्री ने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को ‘बंकिम दा’ कह दिया. उसी समय टीएमसी (TMC) सांसद सौगत रॉय ने उन्हें टोका. इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपनी गलती मानते हुए उसे तुरंत सही कर लिया. पीएम मोदी ने उसके बाद ‘बंकिम दा’ की बजाय अधिक सम्मानजनक संबोधन ‘बंकिम बाबू’ से संबोधित किया.
CM ने माफी मांगने को कहा
कूच बिहार जिले में एक रैली के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्म भी नहीं हुआ था जब देश को आजादी मिली, लेकिन उन्होंने बंगाल के सबसे बड़े सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक को इतने साधारण तरीके से संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने कहा, “आपने (PM मोदी) उन्हें वह न्यूनतम सम्मान भी नहीं दिया जिसके वे हकदार हैं. आपको इसके लिए राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए.”
टीएमसी सांसदों ने किया मौन प्रदर्शन
वंदे मातरम् पर बहस के बाद आज टीएमसी के सांसदों ने संसद के सेंट्रल हॉल में मौन प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि भाजपा ने बंगाल के महान साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का अपमान किया है. TMC के सांसद सेंट्रल हॉल में टैगोर और बंकिमचंद्र की तस्वीरें लेकर चुपचाप बैठे रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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