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वाराणसी की मस्जिद पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने क्या कहा जो भड़क गए रणधीर जायसवाल? आसिफ अली जरदारी को जमकर सुनाई

MEA Target Asif Ali Zardari: वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद को लेकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा किए गए कमेंट पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल भड़क गए हैं. भारत ने जरदारी के दावों को निराधार बताते हुए पाकिस्तान को अपने आंतरिक मामलों से दूर रहने की नसीहत दी है.

MEA Spokesperson Randhir Jaiswal On Asif Ali Zardari Comment on Varanasi Ganj Shaheeda Mosque

MEA Target Asif Ali Zardari: भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर एक बार फिर भीषण वाकयुद्ध छिड़ गया है. इस बार विवाद की वजह बना है वाराणसी (काशी) की ऐतिहासिक गंज शहीदा मस्जिद को लेकर पाकिस्तानी हुक्मरानों का एक गैर-ज़रूरी और भड़काऊ बयान. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद और भारत के अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर मनगढ़ंत दावे किए थे, जिस पर भारत सरकार ने बेहद कड़ा और तल्ख रुख अपनाया है.

यह साफ करता है कि नई दिल्ली अब इस्लामाबाद की किसी भी गीदड़भभकी या आंतरिक मामलों में दखलंदाजी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जरदारी के इस बयान को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह निराधार, हास्यास्पद और नफरत से प्रेरित एक घटिया राजनीतिक स्टंट करार दिया है.

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भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना (India Reply to Asif Ali Zardari Varanasi Mosque)

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति की अनावश्यक टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग पड़ चुका पाकिस्तान अपनी घरेलू विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के अनर्गल प्रलाप कर रहा है. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति को भारत के घरेलू और आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है. उन्हें इस तरह के संवेदनशील मामलों में दखल देने से तुरंत बचना चाहिए.

खोली मानवाधिकार रिकॉर्ड की पूरी कुंडली (Human Rights Violations in Pakistan)

पाकिस्तानी हुकूमत को आड़े हाथों लेते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान के अपने काले मानवाधिकार रिकॉर्ड की पूरी कुंडली खोलकर रख दी. रणधीर जायसवाल ने कहा कि जिस देश का अपना मानवाधिकार रिकॉर्ड दुनिया में सबसे खराब रहा है, उसकी तरफ से ऐसी खोखली टिप्पणियां आना बेहद हास्यास्पद है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निगरानी संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान में विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों को दशकों से व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है.

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ईशनिंदा कानूनों की खुली पोल (Asif Ali Zardari Comment on Varanasi Mosque )

भारत ने वैश्विक पटल पर पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए कहा कि वहां खासकर हिंदू, ईसाई और अहमदिया समुदाय के खिलाफ हिंसा, जबरन धर्म परिवर्तन और भेदभाव की घटनाएं रोजमर्रा की बात बन चुकी हैं. धार्मिक अल्पसंख्यकों को दबाने के लिए वहां ईशनिंदा कानूनों (Blasphemy Laws) का सहारा लेकर मॉब लिंचिंग और हिंसा की वारदातों को अंजाम दिया जाता है, जिसे वहां की सरकारी नीतियों और भेदभावपूर्ण कानूनों का मौन संरक्षण प्राप्त है. ऐसे में नफरत और कट्टरता की राजनीति पर टिके पाकिस्तान के राष्ट्रपति का यह बयान केवल एक सोचा-समझा राजनीतिक हमला है, जिसकी कूटनीतिक बिसात पर कोई कीमत नहीं है.



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