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मिलिंद के इस्तीफे ने दिलाई गुलाब नबी की याद, जानें राहुल की भारत जोड़ो यात्रा से पहले दिग्गजों ने क्यों छोड़ी कांग्रेस?

Milind Deora Resign: आज कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की मणिपुर से शुरुआत हो रही है. इससे पहले मुंबई कांग्रेस के बड़े नेता मिलिंद देवड़ा ने पार्टी छोड़ दी।

Milind Deora Resign From Congress

मिलिंद देवड़ा और गुलाब नबी आजाद.

Milind Deora Resign: राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की एक ओर भारत जोड़ो न्याय यात्रा थोड़ी देर में शुरू होने वाली है. थोड़ी देर में मणिपुर से यह यात्रा शुरू होगी. इस यात्रा का समापन मुंबई में होगा. यात्रा शुरू होने से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. मुंबई कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने इस्तीफा दे दिया. उनके इस इस्तीफे की राजनीतिक गलियारे में काफी चर्चा है. ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि वह शिवसेना के शिंदे गुट को ज्वाॅइन कर सकते हैं. बता दें कि इससे पहले कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा शुरू होने से पहले पार्टी के कद्दावर नेता गुलाब नबी आजाद ने पार्टी छोड़ दी थी.

गुलाब नबी आजाद ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 26 अगस्त 2022 को इस्तीफा दे दिया था. इसके कुछ दिन बाद 7 सितंबर को राहुल की भारत जोड़ो यात्रा कन्याकुमारी से शुरू हुई थी. असल में दोनों नेताओं की भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ी एक अजीब समानता है. दरअसल भारत जोड़ो यात्रा का समापन जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में हुआ था. जो कि गुलाब नबी आजाद का गृहक्षेत्र हैं. वहीं भारत जोड़ो न्याय यात्रा का समापन मुंबई में होना है जो कि मिलिंद देवड़ा की जन्मभूमि है.

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मिलिंद देवड़ा के कांग्रेस से इस्तीफे की वजहें?

बताया जा रहा है कि मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि इस सीट से शिवसेना उद्धव गुट केे अरविंद सांवत सांसद हैं. वे 2014 में भी यहीं से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. ऐसे में महाअगाड़ी गठबंधन के चलते यह सीट शिवसेना उद्धव गुट के खाते में जा रही थी. मिलिंद को यहां से टिकट मिलना मुश्किल था. वे अपनी परंपरागत सीट से 2014 और 2019 में चुनाव हार चुके हैं.

क्या मुंबई दक्षिण से जीत पाएंगे मिलिंद?

वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग से क्लीन चिट मिलने के बाद शिवसेना शिंदे गुट के इस सीट पर जीतने के अवसर बढ़ गए हैं. वहीं शिवसेना शिंदे को भी इस सीट पर एक ऐसे कद्दावर नेता की जरूरत थी जो अरविंद सांवत को कड़ी टक्कर दे सकें. पिछले 2 चुनावों में शिवसेना का भाजपा से गठबंधन था. ऐसे में शिवसेना को यह सीट जीतने में ज्यादा मुश्किल नहीं आई. ऐसे में अब जब शिवसेना दो खेमों में बंट चुकी है और भाजपा भी शिंदे के साथ मिलकर प्रदेश की सरकार चला रही है तब महायुति गठबंधन के इस सीट से जीतने के चांस बढ़ गए हैं.

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एक वजह यह भी

मिलिंद और गुलाब नबी आजाद ने कांग्रेस क्यों छोड़ी इसको लेकर कोई एक राय नहीं है. लेकिन सियासी जानकारों की मानें तो दोनों ही नेता पार्टी में हाशिए पर चल रहे थे. गुलाब नबी का जहां एक ओर राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया था. वहीं दूसरी ओर मिलिंद के पास भी कोई बड़ी जिम्मेदारी इन दिनों नहीं थी. ऐसे में दोनों ने सियासी सुर्खियां बटोरने के लिए कांग्रेस के किसी बड़े इवेंट से पहले पार्टी को अलविदा कह दिया. हालांकि इन दोनों के अलावा हिमंता बिस्वा सरमा, ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद कांग्रेस को अलविदा कह चुके हैं.



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