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गृह मंत्री अमित शाह का आश्वासन, मिजोरम के शरणार्थियों को राहत देगी केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा को आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार राज्य में रह रहे शरणार्थियों की राहत और सहायता के लिए 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी.

दिल्ली में शुक्रवार शाम हुई एक अहम मुलाकात में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला राज्य में रह रहे हजारों शरणार्थियों को लेकर सामने आया, जहां केंद्र सरकार ने राहत के तौर पर बड़ा सहयोग देने का भरोसा दिया है.

मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बैठक के दौरान गृह मंत्री को बताया कि मिजोरम इस समय एक बड़ी मानवीय चुनौती का सामना कर रहा है. राज्य में मणिपुर, बांग्लादेश और म्यांमार से आए करीब 40,000 शरणार्थी रह रहे हैं. ये लोग अलग-अलग हालात में अपना घर छोड़कर यहां पहुंचे हैं और अब राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद इनके रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था कर रही है.

मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि इतनी बड़ी संख्या में आए लोगों के कारण राज्य पर आर्थिक और प्रशासनिक दबाव लगातार बढ़ रहा है.

केंद्र सरकार का राहत का वादा

स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम सरकार को राहत देने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में रह रहे शरणार्थियों के लिए भोजन और राहत कार्यों हेतु 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी. इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को बड़ी मदद मिलेगी.

सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दे भी उठे

बैठक में केवल शरणार्थियों का मुद्दा ही नहीं, बल्कि राज्य के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई विषय भी चर्चा में रहे. मुख्यमंत्री ने बताया कि मिजोरम को सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना के तहत वह सहायता नहीं मिल रही है, जो अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को दी जाती है. उन्होंने मांग की कि मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार अपराध और बढ़ते साइबर क्राइम से निपटने के लिए इस योजना का लाभ मिजोरम को भी मिलना चाहिए.

इसके जवाब में गृह मंत्री ने सुझाव दिया कि राज्य प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (PM-DevINE) के तहत और अधिक परियोजनाएं भेजे, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके.

गौरतलब है कि फरवरी 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से ही हजारों लोग भारत के मिजोरम में शरण ले चुके हैं. वहीं बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र से भी हजारों शरणार्थी राज्य में पहुंचे हैं. इसके अलावा 2023 में मणिपुर में हुई हिंसा के बाद भी बड़ी संख्या में लोग मिजोरम में सुरक्षित ठिकाना तलाशने आए.

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-भारत एक्सप्रेस



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