प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई (इमेज-X.com)
Modi Xi Jinping Bilateral Meeting: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. करीब 50 मिनट चली इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है.
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हुई लगातार प्रगति का स्वागत किया. दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और चीन को अपने रिश्तों को रणनीतिक और लंबे समय तक टिके रहने वाले नजरिए से देखना चाहिए.
‘मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए’
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और चीन के रिश्ते आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हितों पर आधारित होने चाहिए. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को विवाद का रूप नहीं लेने देना चाहिए.
#WATCH | Delhi: During the bilateral meeting with PM Narendra Modi, Chinese President Xi Jinping said, “In the face of a complex international landscape marked by intertwined changes and challenges, China and India, as the world’s two most populous countries and important members… pic.twitter.com/MZff4EpQ6F
— ANI (@ANI) September 12, 2026
पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को भारत-चीन संबंधों की निरंतर प्रगति के लिए अहम बताया. उन्होंने कहा कि सीमा पर शांति कायम रहना दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है.
BRICS को लेकर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान BRICS में भारत और चीन के सहयोग को लेकर भी बातचीत हुई. शी जिनपिंग ने कहा कि BRICS को आगे बढ़ाने के लिए भारत और चीन को साथ आना होगा. उन्होंने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे से काफी कुछ सीख सकते हैं.
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ सालों में भारत और चीन के रिश्तों में सीमा विवाद के कारण तनाव रहा है. गलवान घाटी में 2020 में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था. ऐसे में दोनों नेताओं की यह बैठक द्विपक्षीय रिश्तों को सामान्य दिशा में आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच यह बैठक गलवान में हुई झड़प के बाद भारत में दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने मुलाकात के तौर पर भी अहम है. चीनी राष्ट्रपति करीब सात साल बाद भारत आए हैं. BRICS सम्मेलन के दौरान हुई इस मुलाकात पर दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से खास नजर आई.
-भारत एक्सप्रेस
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