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‘तो अगला फिर जन्म लूंगा…’ क्या है RSS प्रमुख के ‘अगले जन्म’ का प्लान? मोहन भागवत ने बताया फ्यूचर

Mohan Bhagwat In Bengal: कोलकाता में संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत भावुक हो गए. इस दौरान उन्होंने अपने खास काम के लिए अगला जन्म लेने की भी बात कही है.

Mohan Bhagwat In Bengal Said Will Take Rebirth for RSS Work Know His Hindu Rashtra Plan

Mohan Bhagwat In Bengal: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कोलकाता में संघ के एक कार्यक्रम के दौरान अपने भविष्य के प्लान और संघ के लक्ष्यों को लेकर बेहद भावुक और दृढ़ बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का कार्य केवल एक जीवन का नहीं है. उन्होंनें RSS और बीजेपी के संबंधों को लेकर भी अपनी चुप्पी पर विराम लगाया है. इस कार्यक्रम में तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए भागवत ने कहा कि-

‘बाधाएं आएंगी, लेकिन हम लक्ष्य पूरा करने के लिए संघ चला रहे हैं. संघ कार्य के लिए ही हमारा जन्म हुआ है. मरते दम तक काम करेंगे और अगर इस जन्म में काम पूरा नहीं हुआ, तो अगला जन्म लेकर फिर से यही कार्य करेंगे.’

‘सूर्य उगने के लिए संविधान की मंजूरी नहीं’ (Mohan Bhagwat on Hindu Rashtra)

संघ प्रमुख ने ‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा पर विरोधियों को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यह सत्य वैसे ही अटल है जैसे सूर्य का पूर्व में उगना. उन्होंने तर्क दिया, “सूर्य पूर्व में उगता है, क्या इसके लिए संविधान की मंजूरी चाहिए? कहीं लिखा हो या न लिखा हो, भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा.” उन्होंने संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने भी संविधान की मूल भावना में ‘बंधु भाव’ को स्थान दिया था, जो गीता और बुद्ध से लिया गया है, न कि फ्रांस से. यह हिंदू राष्ट्र की ही विशेषता है.

मोदी-शाह और संघ के रिश्तों पर तोड़ी चुप्पी (Mohan Bhagwat Clarifies BJP Ties)

मीडिया में अक्सर भाजपा और संघ के बीच दूरियों की खबरों पर मोहन भागवत ने विराम लगा दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि ये खबरें कहां से आती हैं. हम राजनीति और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से दूर रहते हैं, लेकिन नरेंद्र भाई (मोदी) और अमित भाई (शाह) हमारे स्वयंसेवक हैं, इसलिए वे हमारे अपने हैं. स्वयंसेवक होने के नाते वे हमेशा हमारे निकट रहते हैं, इसमें कोई राजनीति नहीं है.

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संघ का लक्ष्य भी बताया (Mohan Bhagwat Ultimate Goal)

हिंदू समाज को संगठित करना अपने ‘अगले जन्म’ वाले बयान के संदर्भ में उन्होंने संघ के लक्ष्य को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र लक्ष्य हिंदू समाज को संगठित करना है. यह कल सुबह हो जाए तो ठीक, नहीं तो हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक यह पूरा नहीं हो जाता. चाहे इसके लिए दूसरा जन्म ही क्यों न लेना पड़े.



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