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करवट लेने जा रहा है मौसम: सुस्त पड़ा मॉनसून अचानक अपनी नींद से जागा; अगले कुछ दिनों में इन मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश

Monsoon Return 2026: भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से बेहाल उत्तर और मध्य भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, जुलाई के लंबे ‘ब्रेक’ के बाद मॉनसून एक बार फिर रौद्र रूप में वापसी करने जा रहा है.

Monsoon Trough Update

Monsoon Return 2026: अगर आप भी पिछले कई दिनों से पसीने से तरबतर करने वाली उमस और चुभती गर्मी से परेशान हैं, तो राहत की सांस लीजिए. सुस्त पड़ा मॉनसून अब अपनी नींद से जाग चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में देश के मैदानी इलाकों में बादलों की जोरदार गर्जना के साथ झमाझम बारिश होने वाली है. आइए जानते हैं कि आखिर क्यों जुलाई में मॉनसून अचानक गायब हो गया था और अब यह किन राज्यों में आफत बनकर बरसने वाला है.

इन राज्यों में होगी भारी बारिश (Heavy Rainfall Prediction)

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मॉनसून की इस तूफानी वापसी की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक नया लो-प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) है. यह शक्तिशाली सिस्टम समुद्र से भारी मात्रा में नमी वाली हवाओं को अपनी ओर खींच रहा है, जिससे घने बादलों का निर्माण शुरू हो गया है. आईएमडी ने बताया कि इस सिस्टम के एक्टिव होते ही सबसे पहले पूर्वोत्तर भारत में झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा. इसके बाद यह सिस्टम तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के राज्यों को अपनी चपेट में ले लेगा, जिससे गंगा के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.

हिमालय की वादियों से लौट रही है ‘मॉनसून की रीढ़’ (Monsoon Trough Update)

पिछले कुछ हफ्तों से मैदानी इलाकों में सूखा पड़ने और पहाड़ों में तबाही मचने का कारण ‘मॉनसून ट्रफ’ का खिसकना था. मॉनसून ट्रफ को असल में मॉनसून की रीढ़ माना जाता है और यह जहां ठहरती है, वहां भारी बारिश करवाती है. जुलाई की शुरुआत से ही यह ट्रफ लाइन हिमालय की तलहटी की तरफ शिफ्ट हो गई थी, जिसकी वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में तो आफत आई, लेकिन दिल्ली-यूपी समेत पूरे उत्तर भारत के मैदानी इलाके पानी के लिए तरस गए. अब यह ट्रफ लाइन वापस अपनी सामान्य स्थिति में लौट रही है, जिससे मैदानी राज्यों में एक बार फिर सावन की झड़ी लगने वाली है.

आखिर क्यों जुलाई में अचानक गायब हो गए थे बादल? (Monsoon Break Ends)

इस साल जुलाई में देश के कई हिस्सों में सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक, जहां अब तक 323.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहां केवल 244.6 मिमी ही पानी बरसा. मौसम वैज्ञानिकों ने इसे ‘ब्रेक मॉनसून’ की स्थिति बताया है. इस दौरान अरब सागर से आने वाली हवाएं कमजोर पड़ गई थीं और देश के ऊपरी वायुमंडल में शुष्क हवाओं (Sinking Air) का कब्जा हो गया था, जिन्होंने बादलों को बनने ही नहीं दिया. बारिश न होने के बावजूद हवा में मौजूद भारी नमी और तेज धूप के कारण ‘फील्स लाइक’ यानी महसूस होने वाला तापमान कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंच गया, जिसने लोगों का जीना मुहाल कर दिया.

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-भारत एक्सप्रेस 



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